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पढ़ना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी है तो ये खबर पढ़ें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Jul 2014 11:37 AM IST
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पंजाब और चंडीगढ़ के मेधावी छात्रों की आर्थिक तंगी अब उनकी पढ़ाई में विघ्न नहीं बनेगी। इन स्टूडेंट्स की मदद करेंगे फ्रांस के पंजाबी एनआरआई गुरप्रीत सिंह कंग और कतर के एनआरआई मनमीत सिंह धीर। दोनों चंडीगढ़ और पंजाब को बिना व्यवधान शिक्षा दिलाने के लिए आगे आए हैं।
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फ्रांस के रहने वाले एनआरआई गुरप्रीत सिंह कंग ने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए उन्हें काफी पापड़ बेलने पड़े थे। किसी तरह से उन्होंने इंजीनियरिंग, एमबीए, सीए, सीपीए किया।
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के-3 ग्रुप के गुरप्रीत सिंह कंग ने कहा कि उनको एक समाचार पत्र से मालूम हुआ कि एक चाय विक्रेता का बेटा आर्थिक तंगी के कारण आईआईटी जेईई पास करने के बावजूद आगे प्रवेश नहीं ले सका। उन्होंने कहा कि पैसे की तंगी मेधावी स्टूडेंट्स की पढ़ाई में बाधक नहीं होनी चाहिए।
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गुरप्रीत सिंह कंग पटियाला से संबंध रखते हैं और उनके पिता दीदार सिंह कंग रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। गुरप्रीत सिंह कंग ने कहा कि भारत में सरकारी सिस्टम का हाल बुरा है। एजुकेशन के लिए सुविधाएं हैं पर मिलती नहीं, बैंक लोन लेने के लिए छात्र धक्के खाते हैं।
इसलिए अब वह ऐसे प्रतिभावान स्टूडेंट्स की मदद करेंगे। गुरप्रीत सिंह कंग ने कहा कि मेधावी छात्रों के लिए एक लिंक दिया गया है जिसमें फार्म दिया गया है। बायोडाटा मिलने के बाद स्क्रूटनी की जाएगी और उसके बाद सेलेक्शन होगा।
ऐसे ही एनआरआई हैं कतर के मनमीत सिंह धीर। उन्होंने एनआरआई गुरप्रीत सिंह कंग के साथ मिलकर उनको सपोर्ट करने की योजना बनाई। मनमीत सिंह धीर ने कहा कि वह कतर में रहते हैं, लेकिन भारत हमेशा उनके दिल में है।
फार्म के लिए लिंक
http://k3innovations.net/?q=Applyforschlorship