फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   fight in dav election

वोट खराब करने पर जड़ा थप्पड़

Fri, 06 Sep 2013 11:15 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 06 Sep 2013 11:15 AM IST
विज्ञापन
fight in dav election

डीएवी में गुरुवार को मतदान समाप्त होने से कुछ क्षण पूर्व माहौल में तब तनाव बढ़ गया, जब एक एनएसयूआई कार्यकर्ता पर बैलेट पेपर में स्याही फैलाने का आरोप लगा।

विज्ञापन


दोपहर 2:45 बजे लॉ विभाग की ओर एक बूथ पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यहां मौजूद एक एनएसयूआई कार्यकर्ता बैलेट पेपर पर छात्रों के किसी अन्य प्रत्याशी के नाम के आगे मुहर लगाते ही हाथ से स्याही फैला रहा है, ताकि वोट रिजेक्ट हो जाए।
विज्ञापन


पढ़ें, डीएवी में आज पेटियों से निकलेगी जीत
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान किसी ने आरोपी छात्र को थप्पड़ जड़ दिया तो एनएसयूआई कार्यकर्ता भी विरोध में उतर आए। मौके पर तैनात पुलिस ने बीचबचाव कर मामला शांत किया। इसके बाद यहीं एक और बूथ पर छात्रों के बीच हल्की झड़प हुई। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से विवाद बढ़ा नहीं।

‘छुट्टी’ के मूड में नजर आए शिक्षक
छात्रसंघ चुनाव के बावजूद डीएवी कॉलेज के शिक्षकों का रवैया लापरवाह नजर आया। अधिकतर शिक्षक छुट्टी के मूड में दिखे। शिक्षकों की कमी, गैरहाजिरी और सुस्ती की वजह से कॉलेज प्रशासन को व्यवस्था बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।


छात्रसंघ चुनाव में मतगणना सुबह नौ बजे से दो बजे तक होनी थी। इसके लिए शिक्षकों को आठ बजे से बूथों पर ड्यूटी शुरू करनी थी।

पढ़ें, एसजीआरआर लाइव: काफी संख्या में पहुंच रहे छात्र

कई शिक्षक तो तय समय पर आ गए, लेकिन कई गैरहाजिर रहे और कई देरी से पहुंचे। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को ड्यूटी लगाने में खासी परेशानी हुई। माइक पर बार-बार एनाउंसमेंट के बाद शिक्षक बूथों पर पहुंचे। इसके बाद 09:53 बजे से मतगणना शुरू हुई, जो तीन बजे तक चली।

कॉलेज प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने अव्यवस्था से इनकार किया। उनका कहना था कि मतगणना के लिए फुलप्रूफ मैनेजमेंट बनाने में देरी हुई। उधर, मुख्य चुनाव अधिकारी डा. गोपाल क्षेत्री ने बेहद शायराना अंदाज में कहा, ‘खामोश रहूं तो मुश्किल है, कुछ बोलो तो शिकायत होती है।’

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed