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पंजाब में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं फिर होंगी शुरू

Wed, 18 Nov 2015 11:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 18 Nov 2015 11:10 AM IST
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fifth and eight class exam again starts at punjab

पंजाब में एक बार फिर बच्चों के शिक्षा स्तर के मूल्यांकन के लिए पांचवीं और आठवीं की सालाना परीक्षाएं शुरू होंगी। इससे टीचरों का भी मूल्यांकन हो सकेगा। इसी सेशन के अंत में परीक्षाएं कराई जाएंगी।

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शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के कारण न तो पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ये परीक्षाएं करा सकता है और न ही किसी बच्चे को फेल किया जा सकता है। इसलिए सरकार ने स्टेट काउंसिल फॉर एजूकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) को यह जिम्मेवारी सौंपी है।
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एससीईआरटी के सब्जेक्ट एक्सपर्ट ही दोनों कक्षाओं के लिए पेपर तैयार करेंगे। मार्च-2016 में पूरे पंजाब में सेंटर बना कर परीक्षाएं कराई जाएंगी।

फिर एससीईआरटी के माहिर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे। इस कवायद का मकसद यह है कि बच्चों में परीक्षा का थोड़ा डर होगा। वहीं, दोनों कक्षाओं के बच्चों का स्तर पता चल सकेगा। उनके टीचरों की कारगुजारी भी सामने आ जाएगी।
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पंजाब में पहले पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं होती थीं। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद बोर्ड परीक्षाएं बंद कर दी गईं। परीक्षाएं बंद हुईं तो बच्चों में फेल होने का डर भी खत्म हो गया।

सरकार को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि आरटीआई से नुकसान हो रहा है। परीक्षा का डर खत्म होने के कारण बच्चे पढ़ नहीं रहे हैं। उनकी शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। कम से कम किसी निष्पक्ष एजेंसी से बच्चों की पढ़ाई का आकलन कराना जरूरी है। इसके बाद सरकार ने पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं कराने का फैसला किया। इसके लिए बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। सरकार ने दो करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

विधानसभा में उठा था मुद्दा
विधानसभा में उठे इस मुद्दे पर सत्ताधारी और विपक्ष के विधायक एकमत से कहा था कि पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं करवाई जानी चाहिए। इसके बाद सदन में इस संबंधी प्रस्ताव पास कर केंद्रीय मंत्रालय को भी भेजा गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने आरटीई में बदलाव करने पर कोई सहमति नहीं दी।

बच्चों की पढ़ाई को लेकर हर तरफ से चिंता जताई जा रही थी। इसके बाद पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं कराने का फैसला किया गया। इसमें किसी बच्चे को फेल नहीं किया जाएगा। सिर्फ बच्चों के स्तर और टीचरों की कारगुजारी का आकलन किया जाएगा।

-सुखदेव सिंह काहलों, डायरेक्टर एससीईआरटी

शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के कारण पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं नहीं करवा सकता। इसलिए एससीईआरटी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- सुरेश टंडन, वाइस चेयरमैन, पीएसईबी

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