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प्राइवेट आईटीआई छात्रों को भी अब फीस रिफंड
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Tue, 10 Sep 2013 01:46 AM IST
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निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक छात्रों को भी फीस की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
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इसके लिए नियमावली के तहत गठित समिति की बैठक एक माह में कराकर उपलब्ध बजट के अनुसार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने यह निर्देश सोमवार को अधिकारियों को बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि गठित समिति में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा को भी सदस्य नामित किया जाए, जिससे निजी आईटीआई छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध कराने में आसानी हो।
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मुख्य सचिव ने निजी आईटीआई में प्रवेश लेने वाले गरीब छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति निर्धारण के संबंध में बैठक में कहा कि इसमें फीस निर्धारण व प्रवेश काउंसलिंग के माध्यम से कराने के लिए एसोसिएशन की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
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प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि राजकीय आईटीआई में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में प्रत्येक वर्ष लगभग 6 लाख छात्र बैठते हैं।
राजकीय आईटीआई में सीमित सीटें होने से लगभग 50 हजार अभ्यार्थियों को ही प्रवेश मिल पाता है। गरीब छात्र निजी आईटीआई में सीटें उपलब्ध होने के बाद भी व्यावसायिक प्रशिक्षण इसलिए नहीं ले पाते, क्योंकि इन संस्थानों के फीस का भार उठाने में वे सक्षम नहीं होते। इसलिए फीस प्रतिपूर्ति की व्यवस्था इसमें मददगार साबित होगी।