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निजी स्कूलों में शुरू हुआ 'लूटमार' का सत्र

Mon, 16 Mar 2015 12:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 16 Mar 2015 12:59 PM IST
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fee increases in new session of public school.

नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही देहरादू्न के पब्लिक स्कूलों में मनमानी फीस की लूट शुरू हो गई है।

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कहीं शुल्क में बढ़ोतरी की गई है तो कहीं किताबों के नाम पर वसूली की जा रही है। कई स्कूलों में 9वीं और 11वीं में फेल कर छात्रों से रि-टेस्ट के नाम पर प्रति विषय 200 से 300 रुपए वसूला जा रहा है। इन सब से हर अभिभावक परेशान हैं।

उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि उनकी समस्या आ समाधान कौन करेंगे और एजूकेशनल अत्याचार पर कौन अंकुश लगाएगा? राजपुर रोड स्थित शहर के एक नामी स्कूल में बड़ी संख्या में नवीं और 11वीं के छात्र फेल कर दिए गए हैं।
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इन बच्चों को उत्तीर्ण करने के लिए रि-टेस्ट लिया जा रहा है। इसके नाम पर प्रति विषय 200-300 रुपए बच्चों से वसूले जा रहे हैं। जिस हिसाब से रिटेस्ट के नाम पर वसूली की जा रही है, उससे साफ है कि स्कूल ने जानबूझकर बच्चों को फेल किए हैं।
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कई स्कूलों ने एक अप्रैल से शुल्क में 15-20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। अभिभावक शोषण सहने को मजबूर हैं, क्योंकि शुल्क बढ़ोतरी को बने नियमों का पालन नहीं होता, न ही प्रशासन ऐसे मामलों में कभी ठोस कार्रवाई करता है।

स्कूलों में बने पैरेंट्स-टीचर एसोसिएशन
निजी स्कूलों की इस मनमानी पर लगाम लगाना है तो सभी अभिभावकों को एकजुट होना होगा। ऑल उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सिंघल का कहना है कि अगर सभी अभिभावक अपने पैरेंट्स एसोसिएशन को मजबूती से खड़ा करके विरोध करेंगे तो निश्चित तौर पर स्कूलों की वसूली से मुक्ति मिल सकती है।

उनका कहना है कि अभिभावकों को अपने बच्चों के स्कूल प्रबंधन पर दबाव डालना चाहिए कि वह स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर एसोसिएशन (पीटीए) गठित करें। यदि सभी स्कूलों में पीटीए बन जाए तो स्कूलों को की मनमानी नहीं चल पाएगी।

इनकी एकजुटता बनी मिसाल

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एक ओर एजूकेशन हब के स्कूलों की लूटमार से अभिभावक परेशान हैं, तो दूसरी ओर दून का एक स्कूल ऐसा भी है, जिसके अभिभावकों की एकजुटता मिसाल बन गई है। राजा राम मोहन राय एकेडमी की पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन ने अपने बूते न केवल स्कूल की मनमानी पर लगाम कसी, बल्कि स्कूल में व्यवस्थाएं भी सुधरवाईं।

वर्ष 2012 में राजा राम मोहन राय एकेडमी ने सत्र से पहले शुल्क में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी कर डाली थी। अभिभावकों ने एसोसिएशन बनाई। शुरू में 20 अभिभावक सामने आए, लेकिन आंदोलन ने अन्य अभिभावकों को भी इससे जोड़ दिया। डीएम तक मामला पहुंचा। विरोध के चलते स्कूल प्रबंधन ने शुल्क वृद्धि 30 से घटाकर दस प्रतिशत कर दी।

गत वर्ष एसोसिएशन ने स्कूल प्रबंधन से मांग की कि शुल्क में बढ़ोतरी न की जाए, जिसे मान लिया गया। इस बार स्कूल ने 25 प्रतिशत शुल्क बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिसके खिलाफ एसोसिएशन आवाज उठाने की तैयारी में है।

उधर, घबराए स्कूल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही कम शुल्क वृद्धि वाला चार्ट जारी किया जाएगा। पैरेंट्स-टीचर एसोसिएशन ने अब प्रदेशभर में अभिभावकों को जोड़ने का प्रयास शुरू किया है। अध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि अगर अन्य स्कूलों के अभिभावक एसोसिएशन बनाना चाहते हैं तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं।

स्कूल ने मांगें मानी

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आल उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन और राजा राम मोहन राय एकेडमी प्रबंधन के बीच बैठक हुई।

एसोसिएशन ने स्कूल में शिक्षा का स्तर सुधारने, शिक्षकों के शिक्षण स्तर की समय-समय पर जांच और नई शिक्षा पद्धति से प्रशिक्षित करने, छात्रों के शौचालयों की सफाई और पानी की व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी ऊंची करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने, एसएमएस से अभिभावकों को बच्चे के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने और किसी भी नोटिस की जानकारी भी एसएमएस से देने की मांग की।

स्कूल प्रशासन ने सभी मांगें मान ली। प्राचार्य बेंजामिन, अध्यक्ष नीरज सिंघल, महासचिव रतन सिंह चौहान, उमेश वालिया, रविंद्र वाल्मीकि, महेश पांडे, संदीप भटनागर, बबीता वर्मा, सुदेश उनियाल, दीपक सोम, संदीप नौटियाल आदि मौजूद रहे।

अपने विचार यहां साझा करें
निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों के साथ संगठनों और अन्य लोगों को भी बहुत कुछ कहना होता है। मसलन, फीस वृद्धि, टूर आदि के बहाने वसूली, रि-टेस्ट के बहाने वसूली जैसे कई मसले हो सकते हैं।

शिक्षक भी स्कूलों से मिल रही सुविधाओं और अन्य समस्याओं के बारे में बता सकते हैं। कैसे निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगे यह भी बता सकते हैं। इसी तरह स्कूल प्रबंधन भी अपनी बात कह सकते हैं। वह हर साल फीस क्यों बढ़ाते हैं? हर साल उनका खर्चा कितना बढ़ जाता है?

वह कौन सी सुविधाएं बढ़ाने जा रहे हैं आदि इत्यादि। आप अपने विचार लिखकर हमें इस मेल आईडी पर मेल करें। इसे जरूरी संपादन के बाद प्रकाशित किया जाएगा।
ddn-cityreporter@ddn.amarujala.com

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