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UP में इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी फ्री लेकिन...
अमित त्यागी, अमर उजाला
Updated Fri, 27 Dec 2013 05:09 PM IST
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इंजीनियरिंग पढ़ने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। जिन छात्रों के अभिभावकों की सालाना आय छह लाख रुपये तक है, उनके बच्चे भी अब इंजीनियरिंग की फ्री एजुकेशन ले सकेंगे।
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5 फीसदी अतिरिक्त सीटों पर मिलेगा यह लाभ
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) ने आय सीमा 4.5 लाख रुपये से छह लाख रुपये कर दी है। इंजीनियरिंग-तकनीकी संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए आरक्षित पांच फीसदी अतिरिक्त सीटों पर यह लाभ मिलेगा।
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प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 2014-15 के दाखिलों पर यह नियम लागू होगा। उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) की राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) के तहत ही छात्रों को इस स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश के 302 इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की 7500 से ज्यादा सीटों पर छात्रों को इस स्कीम का सीधा लाभ मिलेगा।
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कई सालों से इंजीनियरिंग समेत तमाम तकनीकी डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों में पांच फीसदी फ्री सीटों का प्रावधान है। शुरूआत में इन सीटों पर दाखिले का लाभ 2.50 लाख रुपये सालाना आय वालों को मिलता था। 2012-13 के सत्र से आय सीमा 4.50 लाख रुपये कर दी गई। अब 2014-15 के सत्र से इसे छह लाख रुपये कर दिया गया है।
इसके आधार पर छात्रों के लिए संबंधित संस्थान की सिर्फ ट्यूशन फीस फ्री रहेगी, बाकी मदों पर खर्च वहन करना होगा। यूपी के कॉलेजों में औसतन ट्यूशन फीस 85 हजार रुपये है, जिसके फ्री होने से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
पहले लेंगे फ्री सीट
कॉलेजों में आरक्षित पांच फीसदी फ्री सीटों पर आय सीमा में बढ़ोतरी से काउंसलिंग के दौरान छात्र सबसे पहले फ्री सीटों को लेने की कोशिश करेंगे। उम्मीद है कि यूपीएर्सई की काउंसलिंग में आधे से ज्यादा छात्र पहले फ्री सीट लॉक करेंगे। नामी संस्थानों में इन सीटों को पाने के लिए ज्यादा मारामारी होगी।