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झूठी सेक्सुअल हरासमेंट शिकायत करने पर भी होगी कार्रवाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 06 Dec 2015 08:52 PM IST
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने नई सेक्सुअल हरासमेंट पॉलिसी को अधिसूचित कर दिया है। इसे जेएनयू की कार्यकारी परिषद ने बीते सितंबर में ही मंजूरी दे दी थी।
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इस नई पॉलिसी में झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। बताते चले की जेएनयू दिल्ली का ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां बीते दो सालों में सबसे ज्यादा सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत मिली है।
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दिल्ली महिला आयोग के अनुसार दिल्ली में 101 सेक्सुअल हरासमेंट केस विभिन्न विश्वविद्यालयों में आए है। इसमें 50 फीसदी केस अकेले ही जेएनयू से है।
जेएनयू में ऐसी शिकायतों के निपटाने के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरासमेंट (जीएसकैश) का गठन किया गया है। यह कमेटी सभी शिकायतों पर सुनवाई करती है।
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नई पॉलिसी के लिए बनाई गई कमेटी ने ड्राफ्ट रिपोर्ट सितंबर में सुप्रीम कोर्ट में सौंपी थी जिसे कार्यकारी परिषद में मंजूरी मिल चुकी थी। इस नई पॉलिसी में झूठी शिकायतों के साथ पूरे घटनाक्रम में गवाहों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
नई पॉलिसी के मुताबिक अगर शिकायत करने वाली की शिकायत झूठी मिली तो जीएसकैश उसे कारण बताओ नोटिस जारी करेगी। फिर भी अगर वह इसके पीछे अपना पक्ष ठीक से नहीं रखता है तो जीएसकैश इसमें आगे की कार्रवाई के लिए हायर अथॉरिटी को लिखेंगे।