गोलमाल: आईटीआई परीक्षा में बैठेंगे ‘फर्जी’ स्टूडेंट्स
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आईटीआई में बगैर पंजीकरण स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठने का आदेश जारी कर दिया गया है। वर्ष 2013 में जिन स्टूडेंट्स को फर्जी रूप से पंजीकृत मानते हुए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से मना कर दिया था।
अब उन्हें तीन दिन में ही हुई जांच के बाद सही बताते हुए परीक्षा में शामिल करने की बात की जा रही है। 12 जनवरी से शुरू हुए आईटीआई के प्रैक्टिकल से पहले 11 जनवरी को बिना किसी ठोस आधार के तीन संस्थाओं के करीब 400 बच्चों को बगैर पोर्टल पर पंजीकरण के परीक्षा में शामिल करने का आदेश जारी कर दिया गया।
जबकि नियम के अनुसार पोर्टल पर गैर पंजीकृत स्टूडेंट्स को किसी सूरत में परीक्षा में शामिल नहीं किया जा सकता है।
शिकायत पर कसी गई थी नकेल
आईटीआई में परीक्षा से ठीक पहले स्टूडेंट्स को शामिल करने की शिकायत पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग ने एडमिशन के समय ही स्टूडेंट्स के पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की।
इससे फर्जी स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल कराने वाली तमाम संस्थाओं पर नकेल कस गई। शैक्षिक सत्र 2013 में पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर थी।
इसके बाद करीब 60 आईटीआई ने व्यावसायिक परीक्षा परिषद के पास अपने यहां दाखिला होने के बावजूद पोर्टल पर पंजीकरण न होने की बात कही।
तत्कालीन निदेशक अनिल कुमार तृतीय ने सभी के दाखिले बाद में होने के कारण पोर्टल पर फीडिंग करने से साफ मना कर दिया था।
2013 के सत्र की परीक्षाएं 12 जनवरी, 2015 से होनी थीं। मेरठ मंडल के दिल्ली पब्लिक, इंदिरा गांधी मेमोरियल और गौतम बुद्ध आईटीआई के प्रिंसिपल्स ने सात जनवरी 2015 को प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक के पास पत्र लिखा।
आनन-फानन में हुआ काम
पत्र में दावा किया गया कि उनके यहां के स्टूडेंट्स पोर्टल पर पंजीकृत होने से छूट गए हैं। इसके लिए 28 अक्तूबर, 2013 के पत्र का हवाला भी दिया गया। पत्र व्यवहार में महीनों निकालने वाले प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग में अचानक तेजी आ गई।
आठ जनवरी को लखनऊ से अपर निदेशक ने मेरठ जेडी को तीनों आईटीआई की जांच सौंप दी। इस मामले में जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई गई।
अगले ही दिन नौ जनवरी को ही मेरठ मंडल के जेडी डीके सिंह ने जांच रिपोर्ट में दाखिलों को सही करार दे दिया। रविवार को छुट्टी के दिन 11 जनवरी को प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने तीनों आईटीआई के करीब 400 स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल करने संबंधी आदेश जारी कर दिया।
2013 में तीनों आईटीआई से पोर्टल पर पंजीकृत स्टूडेंट्स की संख्या 100 के आसपास थी लेकिन 2015 में परीक्षा में शामिल होने के लिए यह संख्या 400 से ज्यादा पहुंच गई है।