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नियुक्ति है फर्जी, नप सकते हैं गुरुजी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 27 Aug 2013 08:17 AM IST
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नियमों के विपरीत की गई भर्ती के मामले में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर (बीबीएयू) के 42 शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ये सभी नियुक्तियां पूर्व कुलपति प्रो. बी हनुमैय्या के समय हुई थीं।
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इस संदर्भ में सोमवार को हुई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक में साक्ष्यों के आधार पर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया गया। समिति के सदस्यों ने प्रगति रिपोर्ट पेश की। अब यह जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है।
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कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही इन शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। बीबीएयू के रजिस्ट्रार डॉ. आरबी राम ने बताया कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की सोमवार को बैठक हुई थी।
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इसमें अब तक जो प्रगति रिपोर्ट थी उसकी समीक्षा की गई और आगे इस जांच में कौन-कौन से बिन्दु बाकी हैं, इस पर भी विचार किया गया।
मालूम हो कि बीबीएयू के पूर्व कुलपति प्रो. बी हनुमैय्या के कार्यकाल में यूनिवर्सिटी में भर्ती किए गए शिक्षकों में से 42 शिक्षकों की अर्हता पर सवाल उठाए गए थे।
इन शिक्षकों को नियम के विरूद्घ कम अर्हता पर ही शिक्षक नियुक्त करने का आरोप है। इसके बाद यूनिवर्सिटी की ओर से एक जांच कमेटी बना दी गई। फिलहाल इसमें से कुछ शिक्षक कार्रवाई के डर से पहले ही यूनिवर्सिटी छोड़ चुके हैं।