इस यूनीवर्सिटी की लापरवाही से बर्बाद हो जाएगा छात्रों का भविष्य
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साल भर पढ़ाई, परीक्षा फार्म भरवाने और प्रयोगात्मक परीक्षा करवाने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय ने परीक्षा के ठीक दो दिन पहले 169 स्टूडेंट्स के दाखिले को फर्जी बता दिया गया।
कॉलेज की मनमानी और विश्वविद्यालय की लापरवाही से अब इन छात्रों का एक साल बर्बाद हो गया। बृहस्पतिवार से शुरू हुई परीक्षा में बैठने से इन्हें यह कह कर रोक दिया गया कि इनका दाखिला नियमों को दरकिनार कर किया गया था।
बृहस्पतिवार से शुरू हुई परीक्षा में लविवि ने जीएसआरएम, एकेजी, महावीर महिला महाविद्यालय और लाला महादेव प्रसाद डिग्री कॉलेज के 169 स्टूडेंट्स को परीक्षा देने से रोक दिया। इन स्टूडेंट्स ने बीएड की संयुक्त काउंसलिंग के बजाय कॉलेज में सीधे दाखिला लिया था।
परीक्षा के पहले खुली यूनिवसऱ्टि की नींद
एलयू का कहना है कि कॉलेजों ने स्टूडेंट्स को अंधेरे में रखकर दाखिला दे दिया। लविवि की ढिलाई का नतीजा यह हुआ कि स्टूडेंट्स साल भर पढ़ाई करते रहे। नियम है कि एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी कॉलेजों में दाखिला पाने वाले स्टूडेंट्स का पूरा विवरण लविवि के पास आ जाना चाहिए।
लेकिन, लविवि की लापरवाही का फायदा उठाकर कॉलेज ऐसा नहीं करते हैं। इसकी आड़ में वे दाखिले में फर्जीवाड़ा करते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही कुछ हुआ। इसके बाद लविवि ने स्टूडेंट्स के परीक्षा फॉर्म भरवाए तब भी उनके आवंटन पत्र नहीं लिए गए।
यहां तक कि लविवि द्वारा नियुक्त परीक्षकों ने कॉलेज की प्रयोगात्मक परीक्षा भी करवा ली, फिर भी फर्जीवाड़ा नजर नहीं आया। आखिरकार परीक्षा के दो दिन पहले स्टूडेंट्स को अयोग्य होने का फरमान सुना दिया गया।