HPU: ईसी की बैठक में इस दिन होगा शिक्षक भर्ती पर फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य भर्ती के मामले पर आए उच्च न्यायालय का फैसले को अब चर्चा के लिए कार्यकारी परिषद में ले जाया जाएगा। इसके लिए 17 अक्तूबर को विवि की कार्यकारी परिषद की विशेष बैठक तय कर दी गई है।
कुलपति की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कोर्ट के आदेशों का पालन करने पर विस्तृत चरचा की जानी है। इसके साथ ही आदेशों पर ली गई कानूनी राय को भी रखा जाएगा। ईसी की इस बैठक में चरचा करने के बाद ही पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए 37 सहायक आचार्य के पदों के लिफाफे खोले जाने पर विवि कोई फैसला लेगा।
विवादों में रही इन भर्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कोर्ट के आदेशों पर कानूनी रॉय भी ले रहा है, उसी के मुताबिक आदेशों का पालन करने को पात्र उम्मीदवारों का चयन करने पर फैसला लिया जाना है। ईसी में चरचा के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन अब विवि के चांसलर के आदेशों को भी कोई भी फैसले का भी इंतजार कर रहा है। चूंकि यही 37 शिक्षकों की भर्ती का मामला राजभवन भी पहुंचा है।
6 अक्तूबर को दिया था कोर्ट ने फैसला
राज्य उच्च न्यायालय ने छह अक्तूबर को 2012 की नियुक्तियों के विवादित मामले पर अपना फैसला दिया है। जिसमें न्यायलय ने विवि को यूजीसी के सहायक आचार्य पद के लिए तय न्यूनतम पात्रता शर्तों नेट/एसएलईटी/सेट और सर्वोच्च न्यायालय के पी सुशीला केस में दिए आदेशों को ध्यान में रखते हुए चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आदेश दिए थे।
विवि की विशेष कमेटी ने नहीं सौंपी है रिपोर्ट-कोर्ट के आदेशों की पालना और भर्ती को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तय करने को लेकर कुलपति द्वारा गठित विशेष कमेटी की बीते दिनों हुई बैठक के बाद अब तक रिपोर्ट कुलपति को नहीं सौंपी गई है। वहीं कमेटी ने कानूनी रॉय भी मांगी है। इन दोनों की रिपोर्ट को भी ईसी की बैठक में रखा जाएगा।
विवि के कुलपति प्रो. प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि भर्ती मामले में उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना की जाएगी। इसके लिए 17 अक्तूबर को ईसी की आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें कोर्ट आदेशों पर चरचा होगी।