{"_id":"f368e8eb0f80f24c85b2c053f424dfcd","slug":"examination-delay-swine-flu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू के डर से परीक्षा छूटी तो 'नो प्रॉब्ल्म'","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
स्वाइन फ्लू के डर से परीक्षा छूटी तो 'नो प्रॉब्ल्म'
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Feb 2015 10:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वाइन फ्लू के प्रकोप के बीच स्कूलों ने अभिभावकों को दिलासा देने के साथ छुट्टी कर दी है। कई स्कूलों ने अभिभावकों से साफ कहा है कि अगर बच्चे को जरा भी खांसी या जुकाम है तो उसका घर पर इलाज कराएं।
विज्ञापन
इस बीच उसकी कोई परीक्षा छूटती है तो स्कूल उसके लिए अलग व्यवस्था कराएगा। एशियन स्कूल के प्रधानाचार्य एके दास ने बताया कि एहतियात के तौर पर यूकेजी तक बच्चों की एक सप्ताह की छुट्टी कर दी है। अभिभावकों को बताया है कि अगर बच्चे को जरा भी खांसी या जुकाम है तो स्कूल न भेजें। परीक्षा छूटती है तो बाद में करा दी जाएगी। स्कूल ने प्रार्थना सभा भी बंद करा दी है।
विज्ञापन
दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्राचार्य दिनेश बड़थ्वाल ने बताया कि अभिभावकों से कहा गया है कि सर्दी या जुकाम वाले बच्चे को स्कूल न भेजें। सामान्य बच्चे को सैनिटाइजर लेकर भेजें। हो सके तो मास्क दिलाएं। देसी इलाज के तहत इलायची और कपूर की पोटली भिजवाएं।
विज्ञापन
कारमन स्कूल डालनवाला के डीएस रावत ने बताया कि केजी तक बच्चों की दो दिन की छुट्टी है। यह बढ़ाई जा सकती है। अभिभावकों से कहा गया है कि बच्चे की तबीयत जरा भी खराब लगती है तो स्कूल न भेजें। परीक्षा वाले छात्रों को ही मास्क के साथ आने को कहा है।
विवेकानंद स्कूल के हेडमास्टर एके सिंह ने बताया कि स्कूल खुद भी बच्चों की जांच करा रहा है। जिस भी बच्चे को हल्का सर्दी-जुकाम दिख रहा है, उसे तुरंत घर भेजा जा रहा है। दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्राचार्य बीके सिंह ने बताया कि जिस बच्चे को हल्की खांसी या जुकाम है, उसे अलग बैठाकर अभिभावकों को बुलाया जाता है।
उन्होंने बच्चों को ऐसे हालात में घर रखने की अपील की है। परीक्षा छूटती है तो वह अलग से करा दी जाएगी। मार्शल स्कूल के प्राचार्य रजनीश जुयाल ने बताया कि मंगलवार तक की गई छुट्टी बढ़ाएंगे। कर्मचारी और शिक्षकों को मास्क लगाकर आने को कहा है।
कई जगह असमंजस में छुट्टी
शहर के कई स्कूलों में जिलाधिकारी के आदेश की अफवाह पर छुट्टी कर दी गई है। खासकर प्ले ग्रुप के स्कूलों में दो दिन की छुट्टी कर दी गई है।
स्कूलों का कहना है कि अभिभावकों का दबाव था और डीएम के आदेशों के तहत भी छुट्टी कर रहे हैं। हालांकि जिलाधिकारी रविनाथ रमन का कहना है कि किसी भी स्कूल को स्वाइन फ्लू की वजह से छुट्टी के आदेश नहीं दिए गए हैं। सुरक्षा के तौर पर सुबह की प्रार्थना और ऐसे आयोजन न करने के निर्देश हैं।
छह घंटे में बिकीं 16 हजार टैबलेट
स्वाइन फ्लू की दहशत से अस्पतालों में जुकाम-बुखार के मरीजों की बाढ़ सी आ गई है। दून अस्पताल में ही सोमवार को 800 मरीजों ने जांच कराई। अस्पताल में छह घंटे की ओपीडी के दौरान जुकाम-बुखार की 16 हजार टैबलेट खप गईं। फार्र्मेसी अधिकारी को स्टोर से चार बार दवा की खेप काउंटर पर भिजवानी पड़ी।
दून अस्पताल की ओपीडी में आमतौर पर रोजाना करीब 2500 मरीजों की जांच होती है। सोमवार को अस्पताल में 2000 नए मरीज आए, जबकि 1200 से अधिक पुराने मरीज भी पहुंचे। अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. आरएस असवाल ने बताया कि जुकाम-बुखार की 16000 टैबलेट खप गईं।
बच्चों को बुखार के 116 सिरप भी दिए गए। सामान्य तौर पर अस्पताल में रोजाना जुकाम-बुखार की 4000 टैबलेट लगती हैं। डा. असवाल ने बताया कि अतिरिक्त दवाएं मंगा ली गई है। उधर, महंत इंदिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. विनय राय ने बताया कि उनके यहां भी जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या पंद्रह फीसदी बढ़ी है।