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आईटीआई में फिर फर्जीवाड़े की तैयारी!
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 22 Feb 2014 09:31 AM IST
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बीते साल की तरह इस बार भी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की परीक्षा में फर्जीवाड़े की पटकथा लिखी जा चुकी है।
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आईटीआई की सेमेस्टर परीक्षा 25 फरवरी से होनी हैं लेकिन अब तक परीक्षार्थियों की संख्या तय नहीं है।
यह स्थिति तब है, जब सारे अभ्यर्थियों की डिटेल पोर्टल पर फीड करवाने के आदेश हैं। डाटा फीडिंग की अंतिम तिथि समाप्त हुए भी तीन महीने से ज्यादा बीत चुके हैं।
ऐसे में एक बार फिर से जुलाई-2013 परीक्षा की तरह फर्जी रूप से पंजीकृत अभ्यर्थियों को बैठने की आशंका बढ़ गई है। आईटीआई की वार्षिक परीक्षा में फर्जी पंजीकृत अभ्यर्थियों को शामिल करने का खेल काफी पहले से खेला जाता रहा है।
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दो साल के पाठ्यक्रम में अभ्यर्थियों को परीक्षा से ठीक पहले शामिल करने का भंडाफोड़ जुलाई 2013 की परीक्षा में हो चुका है। उस समय पोर्टल में गैर पंजीकृत अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल किया गया था।
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इनमें से बहुत से अभ्यर्थी तो ऐसे थे, जिनका पंजीकरण जुलाई 2014 की परीक्षा के लिए था लेकिन ओएमआर के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भरने का मौका मिलने पर वो जुलाई 2013 की वार्षिक परीक्षा में ही शामिल हो गए।
‘अमर उजाला’ की ओर से भंडाफोड़ के बाद मामले की जांच भी करवाई गई। इसके बाद व्यावसायिक शिक्षा सचिव आलोक कुमार के दिए जांच आदेश में मेरठ मंडल में भयंकर गड़बड़ियां और फर्जी पंजीकृत परीक्षार्थियों के परीक्षा में बैठने की पुष्टि हुई।
प्रदेश के बाकी मंडलों की जांच अभी चल रही है। प्रमुख सचिव की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे पोर्टल पर पंजीयन हुए बिना किसी अभ्यर्थी को परीक्षा में न बैठने दिया जाए।
अगस्त-2013 में आईटीआई में दाखिला पाए सभी अभ्यर्थियों का परिषद के पोर्टल पर संस्थानो की ओर से पंजीकरण की अंतिम तिथि पहले 30 सितंबर उसके बाद 30 अक्तूबर की गई।
निर्देश दिए गए कि इस तिथि के बाद किसी भी सूरत में अभ्यर्थियों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इस लिहाज से अभ्यर्थियोें की संख्या भी उसी समय तय हो जानी चाहिए थी।
अंतिम तिथि खत्म होने के कई महीने हो चुके हैं, इसके बावजूद अभी तक परीक्षार्थियों की संख्या तय न होना इस बात की ओर इशारा करता है कि पोर्टल पर स्टूडेंट्स के पंजीकरण अंतिम तिथि बीतने के बाद तक होते रहे हैं।
विभागीय जांच और फर्जी परीक्षार्थियों को रोकने संबंधी सारे दावे फेल नजर आ रहे हैं।
न पेपर ना प्रवेशपत्र कैसे होंगी परीक्षाएं
लखनऊ समेत पूरे प्रदेश के निजी और सरकारी आईटीआई संचालकों और स्टूडेंट्स असमंजस में हैं कि आईटीआई की परीक्षा होंगी अथवा नहीं।
परीक्षा 25 और 26 फरवरी को होनी हैं लेकिन अभी तक डीजीईटी (डायरेक्टरेट जनरल एम्पलॉयमेंट एंड ट्रेनिंग) की ओर प्रश्नपत्र नहीं भेजे गए हैं। व्यावसायिक परीक्षा परिषद के पास अभी तक स्टूडेंट्स की संख्या ही तय नहीं है।
परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र की स्थिति भी अभी साफ नहीं है।
परिषद केअधिकारी जरूर यह दावा कर रहे हैं कि ऑनलाइन माध्यम से स्टूडेंट्स को एक ही दिन में प्रवेशपत्र उपलब्ध हो जाएंगे लेकिन प्रवेश पत्र में कोई गड़बड़ी होने पर उसे कैसे सुधारा जाएगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।