हाईकोर्ट में छंटेगी इवनिंग क्लासेज पर पड़ी धुंध
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प्रदेश में सांध्य कालीन कक्षाओं की वैधता और डीएवी पीजी कॉलेज में दाखिलों में देरी पर छाई धुंध अब उच्च न्यायालय में ही छंटने के आसार हैं। डीएवी के छात्र नेताओं ने सांध्य कक्षाओं के संबंध में उच्च न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर कोर्ट खुलते ही सुनवाई होगी।
प्रदेश सरकार ने बीते वर्ष सांध्य कालीन कक्षाओं की घोषणा की थी। इस आधार पर प्रदेश के महाविद्यालयों में दाखिले हुए। दून के डीबीएस पीजी कॉलेज में भी दाखिल हुए, लेकिन डीएवी में विधिक पेंच फंस गया।
प्रबंधन और सरकार के बीच अब तक सहमति न बनने की वजह से सांध्य कक्षाओं के दाखिले अटके हैं। जबकि संबद्धता देने वाले श्रीदेव सुमन विवि ने परीक्षा फार्म भेजने की बात कही है। बावजूद इसके डीएवी में दाखिले के आसार नजर नहीं आ रहे।
दस हजार से ज्यादा छात्रों को इंतजार
हालांकि इस बीच उच्च शिक्षा निदेशालय ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में यह कहा था कि एक कॉलेज में एक समय पर एक जैसे कोर्स अलग-अलग विवि से चलाने का प्रावधान नहीं है। इसे लेकर भी सांध्य कालीन कक्षाओं पर असमंजस की स्थिति है।
डीएवी कॉलेज में सांध्य कालीन कक्षाओं की सीटों पर दाखिले के लिए 10 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया हुआ है। मेरिट फार्म भरने के बाद मेरिट भी जारी हो चुकी है। बावजूद इसके एडमिशन न होने से छात्र अब भविष्य के प्रति बेहद चिंतित हैं।
इनका है कहना
न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। शीतकालीन अवकाश खत्म होते ही मामले में सुनवाई होगी। इसके बाद ही सांध्य कक्षाओं पर कोई राह खुलेगी।। न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद है, ताकि हजारों छात्रों का साल बर्बाद होने से बच सके।
-पारस गोयल, छात्रसंघ अध्यक्ष (डीएवी)