ईवनिंग क्लास की सीटें देख डगमगाए सरकार के कदम
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उत्तराखंड में ईवनिंग क्लासेज के जरिए स्टूडेंट्स को एडजस्ट करने की सरकार की कोशिशों को करारा झटका लगा है।
छात्रों की संख्या काफी कम
श्रीदेव सुमन विवि के 11 कॉलेजों में ईवनिंग क्लासेज की सीट संबंधी रिपोर्ट देख सरकार ने फिलहाल सीटों के ऐलान का इरादा छोड़ दिया है। 11 कॉलेजों में छात्रों की संख्या काफी कम आई है। कम सीट संख्या देखते हुए अफसर इसका तोड़ निकालने में जुट गए हैं।
सरकार को आशंका है कि कम सिफारिशों के मुताबिक कम सीटों की घोषणा हुई तो छात्रों का विरोध भड़क सकता है। इसलिए ऐन वक्त पर पांव खींच लिए गए। गौरतलब है कि शासन से गुरुवार को ही सीटों के बाबत कॉलेजों को पत्र भेजा जाना था।
श्रीदेव सुमन विवि के सूत्रों के मुताबिक गढ़वाल मंडल के 17 में 11 कॉलेजों की फाइल निरीक्षण पैनल की रिपोर्ट लगाकर शासन भेज दी गई। इसमें सिफारिश की गई है कि हर कॉलेज में सिर्फ उतने छात्र एडजस्ट हो सकते हैं, जितने मॉर्निंग शिफ्ट में अनुमन्य हैं।
ऐसे में डीएवी कॉलेज में यूजी-पीजी के 1320, डीबीएस कॉलेज में बीएससी के 240 और बीए के 60 और एसजीआरआर पीजी कॉलेज में करीब 300 छात्र ही एडजस्ट हो पाएंगे। जबकि बीते वर्ष तीनों कॉलेजों में कुल 12 हजार से ज्यादा अतिरिक्त दाखिले हुए थे।
इस लिहाज से कम ईवनिंग क्लासेज की सीटों के आंकड़े ने सरकार की चिंता फिर बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक अब शासन सीटों में इजाफे का तोड़ निकालने की कोशिश कर रहा है। माना जा रहा है कि शासन संतोषजनक संख्या नहीं होने के पहले सीटों का ऐलान नहीं करेगा।
कॉलेज भी कर रहे किनारा
सरकार की ईवनिंग क्लासेज चलाने की घोषणा के बावजूद डिग्री कॉलेज इससे किनारा कर रहे हैं। डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर जैसे अशासकीय महाविद्यालय कई बहाने बनाकर कम सीटें भेज रहे हैं।
डीएवी ने पहले मांगे प्रस्ताव में 1320 और डीबीएस ने करीब 300 सीटें ईवनिंग क्लासेज के लिए मांगी थी। एमपीजी कॉलेज मसूरी ने अब तक प्रस्ताव नहीं भेजा है। गुरुवार तक भी कॉलेज की ओर से विवि से संपर्क नहीं किया गया।
उत्तराखंड बोर्ड के बच्चों की वरीयता अब दस अंक
उत्तराखंड बोर्ड से जुड़े 12वीं के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को दाखिलों में आ रही दिक्कत को दूर करने के लिए शासन ने उनकी वरीयता दस अंक कर दी है। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा मनीषा पंवार की ओर से जारी शासनादेश में कहा है कि राज्यपाल ने शर्तों और प्रतिबंधों के साथ इसकी स्वीकृति प्रदान की है।
वर्तमान शैक्षिक सत्र में मात्र वह महाविद्यालय जो पहले से पांच अंकों की वरीयता प्रदान करते रहे हैं वे महाविद्यालय अब पांच की जगह दस अंक की वरीयता प्रदान करेंगे। लेकिन जिन महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है ऐसे महाविद्यालय में दुबारा दाखिले नहीं होंगे। यह व्यवस्था वर्तमान सत्र में तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
कुमाऊं विश्वविद्यालय में पहले से लागू वरीयता देने की व्यवस्था वर्तमान सत्र में भी यथावत लागू रहेगी। आदेश में कहा गया है कि अगले शैक्षणिक सत्र 2015-16 में पूरे प्रदेश केलिए वरीयता आदि देने की एक समान नीति बना ली जाएगी। जो संबंधित विश्वविद्यालयों के स्तर से प्रसारित करते हुए समान रूप से सभी कालेजों में लागू की जाएगी।
कुमाऊं को मिले दो और नए कालेज
12वीं पास बच्चों को तय संख्या में दाखिला दिलाने के लिए सरकार की ओर से खोले जा रहे नए महाविद्यालयों के क्रम में सरकार ने कुमाऊं के अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के लिए दो नए महाविद्यालयों को स्वीकृति दी है। इन राजकीय महाविद्यालयों में फिलहाल कला संकाय की पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए संबंधित पदों का भी सजृन किया गया है।
नैनीताल जिले के बेतालघाट में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना और 17 पदों का सृजन किया गया है। जिसमें पांच पद आउटसोर्स से भरे जाएंगे। प्राचार्य के अलावा हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, संस्कृत, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र के लिए सहायक प्रोफेसर के एक एक पद सृजित किए गए हैं।
जबकि सहायक पुस्तकालयाध्क्ष और प्रवर सहायक के एक-एक पद के साथ कनिष्ठ लिपिक के दो और पुस्तकालय लिपिक का एक पद होगा। अल्मोड़ा के मासी के लिए स्वीकृति महाविद्यालय में भी 17 पदों को मंजूरी दी गई है। यहां भी पांच पद आउटसोर्स से भरे जाने हैं।
प्राचार्य समेत हिंदी, अंग्रेजी, शिक्षाशास्त्र, संस्कृत, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र के लिए एक-एक सहायक प्रोफेसर रखे जाएंगे। सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष, वरिष्ठ सहायक, पुस्तकालय लिपिक के एक-एक पद के साथ दो कनिष्ठ लिपिकों के पद सृजित किए गए हैं।