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ईवनिंग क्लास में इन छात्रों को मिलेगा वेटेज
ब्यूरो / अमर उजाला, नई टिहरी/ देहरादून
Updated Thu, 28 Aug 2014 12:37 PM IST
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उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों में ईवनिंग क्लास शुरू होने पर प्रवेश के लिए 60 से 80 सीटें ही बढ़ सकती हैं। पैनल ने छह कॉलेजों की संस्तुति श्रीदेव सुमन विवि को सौंप दी है।
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श्रीदेव सुमन विवि ने गठित किया पैनल
सीटें बढ़ने के बाद भी उत्तराखंड बोर्ड के 10 फीसदी छात्र-छात्राएं प्रवेश पाने से वंचित रह सकते हैं। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों की मेरिट अधिक है।
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ऐसे में शासन ने उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों को प्रवेश में 5 अंक वेटेज देने का प्राविधान तय किया है। गुप्तकाशी महाविद्यालय में प्रवेश के लिए श्रीदेव सुमन विवि ने पैनल गठित कर दिया है।
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स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र-छात्राओं का महाविद्यालयों में प्रवेश पाने का इंतजार बढ़ता जा रहा है। ईवनिंग क्लास शुरू होने पर भी छात्रों को प्रवेश पाने के मामले में कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
क्योंकि यूजीसी मानकों के अनुसार प्रत्येक विषय में 60 से 80 सीटें ही बढ़ सकती है। जबकि प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र-छात्राओं की संख्या इससे कई अधिक है। पैनल ने गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, डीएवी, डीबीएस, नई टिहरी, डोईवाला की रिपोर्ट विवि को सौंपी है।
उन सभी कॉलेजों में पैनल ने ईवनिंग क्लास शुरू करने की संस्तुति की है। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि सभी 13 पैनल कमेटियों की रिपोर्ट मिलने के बाद सीटों का निर्धारण किया जाएगा। उत्तराखंड बोर्ड के छात्र प्रवेश लेने से वंचित न रह जाए। इसके लिए उन्हें प्रवेश में 5 अंक वेटेज देने का प्राविधान तय है।
250 रुपए में कैसे चलेंगी कक्षाएं?
सरकार की ओर से सांध्यकालीन कक्षाएं संचालित करके 24 हजार छात्रों को एडजस्ट करने की बात की जा रही है लेकिन यह कैसे संभव हो पाएगा? सबसे मुश्किल बात है शिक्षकों का चयन और वेतन।
सरकार रिटायर्ड और बेरोजगार नेट क्वालिफाइड शिक्षकों को इवनिंग कक्षाओं में पढ़ाने के लिए लाने की योजना बना रही है। इसके लिए सरकार ने 250 रुपए प्रति लेक्चर तय किया है।
लेकिन यूजीसी के नियमों के मुताबिक प्रति लेक्चर मानदेय एक हजार रुपये से कम नहीं हो सकता है। जाहिर है कि कम मानदेय पर कितने शिक्षक पढ़ाने में रूचि दिखाएंगे?
टाइमिंग भी बनेगी रोड़ा
सांध्यकालीन कक्षाओं के संचालन में टाइमिंग भी रोड़ा बन सकती है। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत कॉलेजों में कम से कम पांच घंटे की कक्षाएं जरूरी हैं। यदि सुबह दस बजे से कॉलेज शुरू होगा तो तीन बजे तक मॉर्निंग शिफ्ट की कक्षाएं पूरी हो पाएंगी।
ऐसे में कॉलेज में तीन बजे के बाद ही इवनिंग क्लासेज शुरू हो पाएंगी। रात आठ या साढ़े आठ बजे तक उन छात्रों को दिक्कत होगी जो ऐसे इलाकों से आते हैं, जहां शाम को सात या आठ बजे के बाद यातायात की सुविधा नहीं है।
ऐसे में छात्र अगर दून में ही किराए पर रहेगा तो उस पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। सर्दियों के वक्त यह समस्या और बढ़ जाएगी। रात का वक्त छात्राओं के लिए भी व्यवहारिक नहीं रहेगा।