कानपुर में पढ़ाई कर रहे हैं यूरोपियन कंट्री के स्टूडेंट्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मजबूत होती अर्थव्यवस्था के कारण यूरोपियन कंट्री (जर्मनी, फ्रांस, इटली सहित अन्य) के स्टूडेंट्स ने भी अब भारत की राह पकड़ ली है। स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम का फायदा उठाते हुए इन देशों के स्टूडेंट आईआईटी कानपुर में पढ़ाई कर रहे हैं।
ऐसा पहली बार हुआ है। इससे पहले आईआईटी में यूरोपियन कंट्री का एक भी स्टूडेंट नहीं पढ़ता था। इस बार फ्रांस के चार और जर्मनी के एक स्टूडेंट ने बेसिक साइंस या फिर बीटेक में एडमीशन लिया है। सब रोजाना क्लास लेते हैं।
छह महीने या एक साल की पढ़ाई के बाद ये स्टूडेंट अपने देश लौट जाएंगे लेकिन भारत में पढ़ाई का फायदा उन्हें रोजगार के दौरान जरूर मिलेगा।
दूसरी तरफ वर्ष 2014 के मुकाबले वर्ष 2015 के दौरान आईआईटी में विदेशी स्टूडेंटों की संख्या भी बढ़ी है। इस समय 25 विदेशी स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। पिछले साल इनकी संख्या केवल सात थी।
सबसे ज्यादा इथोपिया के स्टूडेंट्स
जिनमें से यूरोपियन कंट्री का एक भी स्टूडेंट नहीं था। यह पहला मौका है, जब यूरोपियन कंट्री के स्टूडेंट आईआईटी कानपुर में पढ़ने आए हैं। यहां पढ़ने वाले विदेशियों में इथोपिया के सबसे ज्यादा 11 स्टूडेंट हैं। भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का असर दुनिया पर है। अब यूरोपियन कंट्री के स्टूडेंट इसका हिस्सा बन रहे हैं। उन्हें पता है कि भारत में रोजगार और कारोबार की संभावना बढ़ेगी।
इसका सकारात्मक रिजल्ट सामने आए, इसलिए वह आईआईटी कानपुर से जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। यूरोपियन कंट्री के स्टूडेंट पहली बार आईआईटी आए हैं। विदेशी स्टूडेंटों की संख्या भी बढ़ी है।
- प्रो. मणींद्र अग्रवाल, डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स आईआईटी कानपुर