'हैलो, आपने 12वीं का एग्जाम दिया है, इंजीनियरिंग में एडमिशन चाहिए?'
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हैलो ...मैं ग्रेटर नोएडा के आईआईएमटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बोल रही हूं। मेरी बात जेपी सैनी से हो रही है। आपने क्या अभी 12वीं का एग्जाम दिया है। ...तो आप इंजीनियरिंग में दाखिले के इच्छुक हैं।
इस पर प्रो. जेपी सैनी ने पूछा कि आपका मेरा डाटा कहां से मिला। इस पर कॉलर महिला बोली, आपके इंस्टीट्यूट से, जहां पर आप पढ़ रहे हैं। तब प्रो. सैनी ने पूछा, कौन से इंस्टीट्यूट से।
महिला ने गोलमोल जवाब दिया कि यह तो नहीं मालूम लेकिन हमें आपकी डिटेल मिली है। आप बताइए कि क्या आपको दाखिला चाहिए हमारे यहां। इस पर प्रो. सैनी ने कहा- आप मुझे अपने कॉलेज की डिटेल एसएमएस कर दें।
फिर मैं वेबसाइट पर इसके बारे में देखता हूं। महिला ने कहा, हमारे कॉलेज की वेबसाइट www.iimtindia.net पर आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी।
आईआईएमटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से यह फोन कॉल किसी और को नहीं बल्कि सूबे में इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) के कोऑर्डिनेटर प्रो. जेपी सैनी के पास आया था।
परिणाम से पहले ही सीटें भरने के चक्कर में कॉलेज
बता दें कि मौजूदा समय में एसईई का डाटा लीक होने के मामले की जांच चल रही है, इसी बीच धंधेबाज कॉलेजों की ओर स्टूडेंट को फोन आ रहे हैं।
ये कॉलेज एसईई परिणाम घोषित होने से पहले ही गोटियां फिट करने में लगे हैं ताकि उनके इंस्टीट्यूट की सभी सीटें भर जाए। लेकिन हद तो तब हो गई जब ऐसा ही एक फोन एसईई के कोऑर्डिनेटर प्रो. जेपी सैनी को आया।
इस पर प्रो. सैनी कहते हैं कि ग्रेटर नोएडा के आईआईएमटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिर्फ फोन कॉल ही नहीं बल्कि एसएमएस भी आया है। लेकिन वह इस बात से सन्न हैं कि उनका मोबाइल नंबर इंस्टीट्यूट को कैसे मिला।
प्रो. सैनी ने बताया कि वर्ष 2011 में उनके बेटे ने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया था। ऐसे में पुराना डाटा भी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रयोग कर लेते हैं।
फिर भी सवाल यह उठता है कि जेपी सैनी न तो इंटर के छात्र हैं और न ही अब उन्हें इंजीनियरिंग करना है। ऐसे में यह वही डाटा है, जो लीक हुआ है या फिर कॉलेजों ने अपने स्तर पर डाटा एकत्र किया है।