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पैरा मेडिकल में अब खुलेगी रोजगार की राह
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 06 Jun 2014 02:02 PM IST
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उत्तराखंड में पैरा मेडिकल संस्थानों से कोर्स कर चुके छह हजार से ज्यादा छात्रों को रोजगार मिलने की राह आसान हो गई है।
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कई साल पहले हुआ था पैरा मेडिकल काउंसिल का गठन
कई वर्षों से केवल गठन तक सीमित पैरा मेडिकल परिषद अब पूर्ण रूप से संचालित होगी। अल्मोड़ा में हुई कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग गई।
उत्तराखंड में कई साल पहले पैरा मेडिकल काउंसिल का गठन हो गया था, लेकिन नियमावली न होने से यह काम नहीं कर पा रही थी।
इस बीच छह हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने डीएमएलटी, एक्सरे टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपी जैसे कोर्स कर डिग्री ले ली, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं हो पा रहा था।
चिकित्सा शिक्षा विभाग और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में पहल करते हुए काउंसिल के नियमों पर काम करना शुरू किया।
आखिरकार कैबिनेट बैठक में परिषद की नियमावली पास हो गई। जल्द ही छात्रों की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद पैरा मेडिकल कोर्स कर चुके छात्र न केवल उत्तराखंड बल्कि दूसरे राज्यों में भी नौकरी कर सकेंगे।
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पैरा मेडिकल संस्थानों पर कसेगा शिकंजा
उत्तराखंड पैरा मेडिकल परिषद के अस्तित्व में आने के साथ ही कुकुरमुत्तों की तरह खुल रहे पैरा मेडिकल संस्थानों पर भी शिकंजा कसना तय है।
अब तक पैरा मेडिकल संस्थानों के लिए मान्यता का नियम नहीं था। परिषद के संचालन से अब नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
संस्थानों को हर साल मान्यता के मानक पूरे करने होंगे। अनुमान के मुताबिक सूबे में 60 से ज्यादा पैरा मेडिकल संस्थान इस वक्त संचालित हैं।
पैरा मेडिकल काउंसिल जल्द पूरी रफ्तार से काम शुरू कर देगी। सरकार के इस कदम से निश्चित तौर पर युवाओं के लिए दूरगामी परिणाम अच्छे होंगे।
-डा. आरपी भट्ट, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा