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बंक न मार सकें बच्चे, इसलिए सख्त हुआ शिक्षा निदेशालय

Thu, 03 Mar 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 03 Mar 2016 12:25 AM IST
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Education Directorate strict on skip school

अब सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चे बंक नहीं मार सकेंगे। स्कूलों में बच्चों की दो बार हाजिरी लगेगी, बल्कि बच्चे के गैर हाजिर पाए जाने पर उनके मां-बाप को सूचना भेज दी जाएगी। इन सबके अलावा हाजिरी लगाकर छात्र के गायब होने का नुकसान मास्टर जी को उठाना होगा। दीवार से कूदकर स्कूल से बाहर जाने वाले बच्चों को रोकने के लिए दीवारों को ऊंचा किया जाएगा और उस पर कंटीली तारें भी लगेंगी।

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शिक्षा निदेशालय स्कूलों से बंक मारकर सार्वजनिक स्थानों, सड़कों व पार्कों में घूमने वाले बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए कड़े कदम उठाने जा रहा है। शिक्षा निदेशालय ने बच्चों की सुरक्षा के लिए उपाय सुझाए हैं जिन्हें स्कूल प्राचार्यों को भेजा गया है। निदेशालय का मानना है कि अभिभावक स्कूल में एक विश्वास के साथ बच्चों को भेजते हैं, ऐसे में स्कूल स्टाफ खासकर प्राचार्य के लिए बच्चे की सुरक्षा सबसे अहम है।
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अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (स्कूल) डॉ. सुनीता कौशिक के मुताबिक, शिक्षक व प्राचार्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल खत्म होने से पहले बच्चे स्कूल न छोड़ें। बच्चे को प्राचार्य की लिखित अनुमति से ही केवल इमरजेंसी में स्कूल से बाहर जाने की छूट मिलेगी। निदेशालय की ओर से स्कूलों को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल प्रमुख इस बात को सुनिश्चित करें कि शिक्षक कक्षा शुरू होने से दो-तीन मिनट पहले कक्षाओं में पहुंचे। इस मामले में शिक्षक के लिए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
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शिक्षक को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह कम से कम दो बार बच्चे की हाजिरी लें। अगर छात्र प्रार्थना सभा के बाद से गायब हो, तो ऐसे छात्रों के अभिभावकों को लिखित नोटिस व फोन से स्कूल बुलाकर इस बात की जानकारी दी जाए।

शिक्षक दीवार से कूदकर बाहर जाने और अनाधिकृत तरीके से बाहर जाने वाले बच्चों की अनदेखी न करें। ऐसे बच्चों की काउंसलिंग की जाए। इसके लिए स्कूल प्रमुख प्रस्ताव तैयार कर भेज सकते हैं। इस बात का ध्यान रखा जाए कि सभी सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम करें। गार्ड स्कूल के गेट पर खास ध्यान रखें और वह स्कूल से बाहर जाने वाले और अंदर आने वाले का रिकॉर्ड रखें।


प्राचार्य और शिक्षक भी नपेंगे

शिक्षा निदेशालय ने बच्चों की गैर-हाजिरी को कम करने के लिए शिक्षक व प्राचार्य की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ उनके खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है। निदेशालय ऐसे शिक्षकों व प्राचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा, जिनके बच्चे हाजिरी लगाने के बाद स्कूल के बाहर घूमते हुए पाए जाएंगे।

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