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स्मार्ट हो गई इंजीनियरिंग की क्लास
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 12 Feb 2014 09:34 AM IST
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इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को पढ़ाई में अब और स्मार्ट बनाया जाएगा। स्टूडेंट को क्लासरूम में लगे प्रोजेक्टर पर एनिमेशन के माध्यम से कोर्स पढ़ाया जाएगा।
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इससे स्टूडेंट्स डायग्राम व रासायनिक क्रियाओं का विजुअल देखकर आसानी से अपना पाठ समझ सकेंगे। ऑडियो-वीडियो के माध्यम से चैप्टर पढ़ने के बाद स्टूडेंट क्लासरूम क्विज, टीम एग्जाम के माध्यम से अपना सेल्फ असेसमेंट भी कर सकेगा।
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उसे एक लॉगिन व पासवर्ड दिया जाएगा। इससे वह क्लासरूम ही नहीं हॉस्टल व घर में भी अपना कोर्स ऑनलाइन पढ़ सकेगा। मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में ई-लर्निंग सुविधा की शुरूआत की गई।
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यूपीटीयू और ड्रैगन फ्लाई कंपनी के बीच हुए करार के बाद अगले करीब छह महीने में सभी इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों के स्टूडेंट्स को ई-लर्निंग के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी।
आईईटी में ई-लर्निंग की सुविधा का उद्घाटन मंगलवार को यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने किया। डॉ. खांडल ने बताया कि इस सुविधा का विस्तार सभी कॉलेजों में किया जाएगा।
इससे स्टूडेंट अपना चैप्टर रोचक ढंग से पढ़ सकेगा और खुद का असेसमेंट कर सकेंगे। उन्होंने कहाकि ई-लर्निंग के माध्यम से पूरा सिलेबस पढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसमें यह सुविधा है कि विशेषज्ञों द्वारा तैयार पाठ्यक्रम को जब क्लास में पढ़ाया जाएगा तो बीच में शिक्षक स्मार्ट बोर्ड पर उसे रोककर स्टूडेंट्स से सवाल-जवाब भी कर सकेंगे और उस बोर्ड पर खुद भी लिखकर पढ़ा सकेंगे।
डॉ. खांडल ने उम्मीद जताई कि ई-लर्निंग के माध्यम से इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों के स्टूडेंट्स की क्वालिटी इंप्रूव होगी और उसे अच्छी जॉब हासिल करने में मदद मिलेगी।
आईईटी के डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो. बीएन मिश्रा ने कहा कि इससे स्टूडेंट्स अब क्लास में ज्यादा मन लगाकर पढ़ाई करेंगे। जब वह विजुअल के माध्यम से पाठ पढ़ेंगे और उदाहरण देकर उन्हें ऑनलाइन समझाया जाएगा तो खुद ही उनकी जिज्ञासा बढ़ेगी।
ड्रैगन फ्लाई कंपनी के एमडी अमिताभ मेहरा ने बताया कि उन्होंने ई×लर्निंग के लिए कोर्स कंटेंट बहुत ही साधारण तरीके से तैयार किया है। जिससे स्टूडेंट को उसे समझने में ज्यादा दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट इसमें ई-कम्युनिटी बनाकर आसानी से नॉलेज शेयरिंग भी कर सकता है। इससे पढ़ाई का दायरा बढ़ेगा और अभी जो क्षमता है उसके अनुसार एक साथ 14 जगह ऑनलाइन क्लास पढ़ाई जा सकती है।
वॉट्स एप पर मिलेगा कोर्स मैटेरियल
यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने ई-लर्निंग सुविधा के शुभारंभ के साथ ही आईईटी की सभी फैकल्टी को निर्देश दिए कि वे कोर्स मैटेरियल तैयार करें और उसे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से वॉट्स एप पर उपलब्ध करवाएं।
जिससे स्टूडेंट वॉट्स एप पर कोर्स मैटेरियल पढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब स्मार्ट फोन का जमाना है और टेक्नोलॉजी का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में पढ़ाई को टेक्नोलॉजी से जोड़ना होगा।
स्टूडेंट ई-कम्युनिटी बनाकर सोशल मीडिया पर नॉलेज शेयरिंग करें और कोर्स पर डिबेट करें। तभी उन्हें चैप्टर बेहतर ढंग से समझ में आएगा।
आसान इंग्लिश में तैयार करें कोर्स कंटेंट
आईईटी में ई-लर्निंग का प्रेजेंटेशन देखने के बाद एक मुद्दा जोर-शोर से उठा कि इंग्लिश बहुत अधिक कठिन नहीं होनी चाहिए। क्योंकि इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में ग्रामीण क्षेत्रों के स्टूडेंट भी पढ़ने आते हैं। ऐसे में उन्हें ई-लर्निंग का कोई फायदा नहीं होगा।
इस पर ड्रैगन फ्लाई कंपनी के एमडी अमिताभ मेहरा ने कहा कि कोर्स कंटेंट तैयार करते समय जब वह वे कॉलेजों में गए तो वहां स्टूडेंट्स ने अंग्रेजी में चैप्टर तैयार करने को कहा, क्योंकि इंजीनियरिंग प्रोफेशन में उन्हें इंग्लिश ही बोलनी ही पड़ेगी।
फिलहाल यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने टीचर्स से कहा कि वे आसान इंग्लिश में अपनी तरफ से कोर्स तैयार करें और वीडियो भी बनाएं।
पांच लाख स्टूडेंट्स एक साथ करेंगे ई लर्निंग
यूपीटीयू और ड्रैगन फ्लाई के बीच हुए करार के बाद पाइलेट प्रोजेक्ट के तहत अभी केवल आईईटी में ई-लर्निंग की सुविधा शुरू की गई है।
यहां पर अभी 90 सीटों वाले लेक्चर थिएटर में बारी-बारी से स्टूडेंट्स को ई लर्निंग के माध्यम से पढ़ने का मौका मिलेगा। छह महीने तक यहां पर इसका रिस्पांस देखा जाएगा। इसके बाद सभी 850 कॉलेजों को ई-लर्निंग की सुविधा से जोड़ दिया जाएगा।
आईईटी के डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो. बीएन मिश्रा ने बताया कि आगे पांच लाख स्टूडेंट इस ई लर्निंग की सुविधा से जुड़ेंगे। यूपीटीयू ने हमें जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरी सफलता के साथ पूरा किया जाएगा।