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अब एजूकेशन हब में फैला नकल नेटवर्क

Mon, 30 Sep 2013 08:23 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 Sep 2013 08:23 AM IST
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Duplicate network now spread over Education Hub

राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए देहरादून को मुफीद केंद्र माना जाता है।

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उत्तराखंड समेत वेस्ट यूपी, हरियाणा, हिमाचल से हर साल हजारों परीक्षार्थी यहां प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने आते हैं। लेकिन लगता है नकल नेटवर्क भी अब दून को अपने गोरखधंधे के लिए महफूज मानने लगा है। एक हफ्ते में नकल का दूसरा बड़ा मामला पकड़े जाने से इस आशंका को बल मिल रहा है।

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राजधानी के स्कूल, कॉलेजों में लगभग हर सप्ताह कोई न कोई प्रतियोगी परीक्षा होती रहती है। एसएससी, यूपीएससी, कैट, रेलवे, एयरफोर्स, सीडीएस, आईटीबीपी, एनडीए, नेट, आईबीपीएस परीक्षाएं दून में होती हैं। परिवहन और रहने की बेहतर व्यवस्था के चलते राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षाओं में आसपास के राज्यों के परीक्षार्थी भी दून में केंद्र को वरीयता देते हैं।
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पांच वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो दून में नकल का एक भी मामला किसी प्रतियोगी परीक्षा में सामने नहीं आया था। लेकिन, पिछले सप्ताह यूएपीएमटी परीक्षा में 16 मुन्नाभाई पकड़े गए और अब एसएससी में छह हाईटेक नकलची। सूत्र बताते हैं कि दून में नकल नेटवर्क की सक्रियता बढ़ रही है। पुलिस और खुफिया विभाग अब इस बिंदु पर काम कर रहे हैं।

कैट में दून हो गया था ब्लैकलिस्ट
वर्ष 2002 में दून को कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के लिए पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था। वर्ष 2003 में कैट का पेपर आउट हो गया था, जिसके बाद आयोजकों ने दून को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद दून के युवाओं को भी चंडीगढ़ जाना पड़ रहा था। वर्ष 2009 में परीक्षा ऑनलाइन होने के बाद दोबारा दून को केंद्र बनाया गया।

चेकिंग में होती है लापरवाही
परीक्षा आयोजक हर परीक्षा केंद्र को प्रति अभ्यर्थी पैसा अदा करते हैं। कॉलेज में जनरेटर से लेकर सुरक्षाकर्मी तक का खर्च भी आयोजक उठाते हैं।

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नकल रोकने के लिए सचल दस्ता भी तैनात रहता है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से नकल का मामला सामने न आने के चलते परीक्षा केंद्रों में चेकिंग के नाम पर दस्तों का रवैया कुछ लापरवाह रहा। यही वजह है कि नकल नेटवर्क इसका फायदा उठाने लगा है।

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