फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   duplicacy in dav pg college

डीएवी में ये क्या हो रहा है?

Mon, 19 Aug 2013 06:23 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Mon, 19 Aug 2013 06:23 PM IST
विज्ञापन
duplicacy in dav pg college

देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में रविवार को एलएलबी की प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र वट्स एप से आउट कर दिया गया। लेकिन कॉलेज प्रबंधन को इसकी हवा तक नहीं लगी। अमर उजाला के पास इसके पक्के सबूत मौजूद हैं।

विज्ञापन


वट्स एप से कितने बजे पेपर बाहर आया और कब जवाब भेजा गया, सभी का रिकॉर्ड मौजूद है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उसने पूरी चेकिंग के बाद ही छात्रों को परीक्षा में बैठने दिया था।
विज्ञापन


कोई भी छात्र मोबाइल लेकर अंदर नहीं जा पाया था। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सही ढंग से चेकिंग की गई थी तो किसी के पास मोबाइल कैसे चला गया?

वट्स एप पर पूरा पेपर लेकर घूम रहा एक छात्र अमर उजाला संवाददाता को कॉलेज के बाहर मिला और अपनी पहचान छिपाने की शर्त पर उसने पूरा पेपर उपलब्ध करा दिया। 11:02 बजे के बाद से धीरे-धीरे पेपर के एक-एक पृष्ठ को वट्स एप से बाहर भेजा गया था। दूसरी ओर से किसी विशेषज्ञ ने पेपर के सवालों का जवाब वट्स एप से ही भेजे।
विज्ञापन
विज्ञापन


11:02 बजे पर बाहर आया पेपर
सबसे पहले पेपर का फोटो वट्स एप से 11:02 बजे बाहर आया। इसकी तस्वीर धुंधली होने की वजह से सवाल पढ़ने में नहीं आ रहे थे। जिसके पास तस्वीर आई थी, उसने लिखकर भेजा कि फोटो साफ नहीं है, दोबारा भेज। परीक्षा दे रहे छात्र ने दोबारा प्रश्नपत्र की कॉपी भेजी। इसके बाद इसका जवाब भेजा गया।

हमने कॉलेज का गेट बंद कर प्रश्नपत्र आवंटित किया था। सभी छात्रों की चेकिंग की गई थी। इसकी वजह से परीक्षा लेट भी हो गई। हमारी ओर से पूरी सावधानी बरती गई थी। कॉलेज के दोनों गेट पर सख्ती की गई थी।
- डा. कौशल कुमार, चीफ प्रॉक्टर, डीएवी कॉलेज

नकल की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। हमने पूरी चेकिंग की थी। हो सकता है कि कोई छात्र मोबाइल लेकर चला गया हो। अगर किसी छात्र का नाम सामने आता है तो हम उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
- डा. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य, डीएवी कॉलेज

विवादों का पुराना साथ
डीएवी कॉलेज में विवादों और एलएलबी प्रवेश परीक्षा का चोली दामन का साथ रहा है। पूर्व प्राचार्य डा.बीएल नौटियाल के कार्यकाल में उसी एजेंसी को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे कॉलेज पहले ब्लैक लिस्ट कर चुका था।

बवाल हुआ, जांच समिति बनी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2011 में भी एलएलबी की प्रवेश परीक्षा के दौरान एक छात्र प्रश्न पत्र बाहर लेकर आ गया था। पेपर आउट होने पर जमकर बवाल हुआ, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। जांच समिति की रिपोर्ट आज तक कागजों में धूल फांक रही है।


फॉर्म निरस्त करने पर हंगामा
डीएवी कॉलेज में परीक्षा के दौरान फॉर्म रिजेक्ट होने पर हंगामा हो गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने उनका फॉर्म जानबूझकर रिजेक्ट कर दिया। ऐसे कई छात्रों के फॉर्म बाद में कॉलेज प्रशासन ने अपनी गलती मानते हुए स्वीकार भी किए।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed