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'मुस्लिमों की वजह से देश में आई समलैंगिकता'

Thu, 18 Sep 2014 11:26 AM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 11:26 AM IST
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DU's post-grad English students want 3 `dismal' teachers sacked.

दिल्ली विश्वविद्यालय के एमए के छात्रों ने अपनी एक महिला शिक्षिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही दो अन्य शिक्षकों पर उनका साथ देने का आरोप लगाते हुए तीनों की बर्खास्तगी की मांग की है।

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छात्रों का आरोप है कि एमए अंग्रेजी की एक शिक्षिका अपनी पहली क्लास से ही लगातार धार्मिक भावनाएं भड़काने का काम कर रही हैं। यही नहीं वह लगातार 'बेहद असंतोषजनक लेक्चर' दे रही हैं। उनके इस काम में दो शिक्षक उनकी मदद कर रहे हैं।
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इससे आजिज आकर एमए अंग्रेजी के 200 छात्रों ने अपने विभागाध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपी है और उन तीनों के बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही अपने छात्रों ने अंग्रेजी विषय के लिए नये शिक्षकों की नियुक्ति करने की भी मांग की है।
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मुस्लिमों के खिलाफ भड़काया

DU's post-grad English students want 3 `dismal' teachers sacked.

छात्रों ने शिक्षिका पर जरूरी पढ़ाई न कराने का आरोप लगाया है। छात्रों की ओर से विभागाध्यक्ष को सौंपे गए पत्र के मुताबिक वह अंग्रेजी की पढ़ाई के लिए उपयुक्त नहीं हैं। वह पाठ्यक्रम की चीजें नहीं समझा पाती हैं, साथ ही कक्षा में टीचर की तरह पेश नहीं आती हैं।

यही नहीं, टीचर पर जरूरी पढ़ाई कराने के बजाय दुनिया भर की समस्याओं के लिए मुसलमानों को कोसने का भी आरोप है। छात्रों की मानें तो टीचर ने भारत में संमलैंकिता के लिए मुसलमानाों को जिम्मेदार ठहराया। यह भी कहा कि भारतीय लोगों को छल-कपट और धोखा भी मुस्लिमों ने ही सिखाया है।

मामले में डीयू के शिक्षकों का कहना है कि जिन शिक्षकों की बर्खास्तगी की मांग की जा रही है, वह अपनी नियुक्ति संबंधी कुछ बातों से नाराज हैं। फिलहाल छात्रों की ओर से भेजे गए पत्र की प्रतियां कुलपति, रजिस्ट्रार और राष्ट्रपति को भेज दी गई हैं।

मामले में जरूरत पड़ने पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास उसकी प्रति भेजी जाएंगी। वहीं, जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं पर आरोप लगा है, उनका कहना है कि अभी उन्होंने छात्रों का वह पत्र नहीं देखा है। पत्र देखने के बाद ही वह अपना पक्ष रखेंगे।
साभारः टीओआई

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