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अब DU में नहीं होगा एक भी फर्जी एडमिशन!
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 29 Mar 2014 09:32 PM IST
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लाख कोशिशों के बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय में फर्जी दाखिले रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। इस पर लगाम लगाने के लिए अब विवि ने शैक्षणिक सत्र 2014-15 के दाखिला प्लान में दाखिले के समय मूल प्रमाण पत्र जमा कराने की सिफारिश की है। हालांकि अभी यह सिफारिश मात्र है। इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
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डीयू की इस बार योजना है कि दाखिले के समय छात्रों के मूल प्रमाण पत्र भी जमा कराए जाएं। अगर किसी सूरत में छात्र दाखिला रद्द कराकर किसी दूसरे कॉलेज में दाखिला लेता है तो उसकी मार्कशीट के पीछे इसकी मुहर लगा दी जाएगी। दाखिला रद्द कराने के 24 घंटे बाद मूल प्रमाण पत्र वापस दिए जाने की सिफारिश की गई है।
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इतना ही नहीं, दाखिला रद्द कराने पर छात्र से एक हजार रुपये की राशि भी काटी जाएगी। दरअसल, हर साल ऐसा होता है कि कई कॉलेज मूल प्रमाण पत्र जमा नहीं कराते हैं, जिससे एक ही छात्र कई कॉलेजों में अपने प्रमाण पत्रों के आधार पर फीस जमा करा देते हैं। नया प्लान तैयार करने के पीछे डीयू की मंशा फर्जी दस्तावेज के आधार पर दाखिलों को रोकना है।
अगर छात्र के मूल दस्तावेज जमा हो जाएंगे तो वह अन्य कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाएंगे। गौरतलब है कि डीयू के नियमों के मुताबिक, अगर छात्र के प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ न केवल आपराधिक मामला दर्ज कराया जा सकता है, बल्कि पांच साल तक किसी विवि या कॉलेज में दाखिला भी नहीं मिलेगा।
कॉलेज अपने स्तर पर भी फर्जी दाखिला रोकने के प्रयास करते हैं। इसके बावजूद कोई न कोई मामला सामने आ ही जाता है। हाल ही में शहीद भगत सिंह और वेंकटेश्वर कॉलेज में फर्जी दस्तावेज के आधार पर दाखिले कराए जाने के मामले सामने आए थे। उसके बाद भगत सिंह कॉलेज ने कई दाखिले रद्द किए थे, जबकि वेंकटेश्वर कॉलेज ने एक छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।