डीयू: दूसरी कट-ऑफ ने खोली दाखिले की खिड़की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली कट ऑफ लिस्ट के दाखिले बृहस्पतिवार को बंद हो गए। कई कॉलेजों में कुछ कोर्सों की सीटों पर हाउसफुल का बोर्ड लग गया। मगर दूसरी कटऑफ ने कुछ में दाखिले की खिड़की खोल दी है।
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में बीकॉम ऑनर्स व ईको ऑनर्स की कुल 624 सीटों पर 605 दाखिले हो चुके हैं। वहीं बीकॉम ऑनर्स की 501 सीटों में से 468 पर दाखिले लिए जा चुके हैं।
जबकि ईको ऑनर्स में सामान्य, ओबीसी, एससी श्रेणियों के एडमिशन बंद हो गए हैं। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ पीसी जैन ने बताया कि बीकॉम ऑनर्स के लिए 0.25 फीसदी की गिरावट की गई है।
इस कोर्स में नहीं होगा दाखिला
हिंदू कॉलेज में इतिहास, हिंदी, व राजनीति शास्त्र में दूसरी लिस्ट में दाखिले नहीं होंगे। वहीं मैत्रेयी कॉलेज में बीए पास की कट ऑफ को 76 से घटाकर 62 फीसदी कर दिया गया है।
उधर, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज में राजनीति शास्त्र के दाखिले फुल हो गए हैं। यहां कॉमर्स व आर्ट्स में 0.5 फीसदी से लेकर 0.75 फीसदी तक की गिरावट की गई है। जबकि साइंस कोर्सेज के लिए यह गिरावट पांच से छह फीसदी तक की है।
आईपी कॉलेज की प्रवक्ता मनस्विनी योगी ने बताया कि पहली लिस्ट के आधार पर 400 छात्रों को दाखिला दिया गया। कॉलेज में अंग्रेजी, बीकॉर्म ऑनर्स, इतिहास में सीटें फुल हो चुकी हैं। वहीं दूसरी लिस्ट में सभी कोर्स में दो से तीन फीसदी की गिरावट की गई है।
ये सब्जेक्ट हुए फुल
रामलाल आनंद कॉलेज में सामान्य श्रेणी के लिए राजनीति शास्त्र और सांख्यिकी ऑनर्स के दाखिले बंद हो गए हैं। यहां हिंदी पत्रकारिता में कट ऑफ को दस फीसदी कम कर दिया गया है। कॉलेज ने कॉमर्स में एक फीसदी और साइंस में दो से तीन फीसदी तक की गिरावट की है।
महाराजा अग्रसेन कॉलेज में बीएससी फिजिकल साइंस व कंप्यूटर साइंस के सामान्य वर्ग के दाखिले दूसरी लिस्ट में नहीं होंगे। अंबेडकर कॉलेज में सभी कोर्स के दाखिले खुले हैं।
यहां सामान्य श्रेणी के बीकॉम पास व ऑनर्स की दूसरी कट ऑफ में चार फीसदी की गिरावट की गई है। वहीं किरोड़ीमल कॉलेज में दूसरी लिस्ट में सामान्य के लिए सिर्फ बंगाली व भूगोल जैसे कोर्सों में दाखिले होंगे। बाकी पाठयक्रमों के दाखिले बंद हो गए हैं।