फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   DU admission: confusing facts in the form

डीयू दाखिलाः भ्रम में डाल सकती है यह जानकारी

Wed, 11 Jun 2014 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 11 Jun 2014 04:04 PM IST
विज्ञापन
DU admission: confusing facts in the form

दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया में ऑनलाइन व ऑफलाइन दाखिला बुलेटिन में अलग-अलग जानकारी छात्रों को भ्रमित कर रही हैं। बिजनेस स्टडी कोर्स के लिए दोनों ही बुलेटिन में अलग जानकारी है। ऑनलाइन बुलेटिन में बिजनेस स्टडी कोर्स केलिए विषय कोड लिखा हुआ है। जबकि ऑफलाइन बुलेटिन में यह विषयों की सूची में शामिल ही नहीं है।

विज्ञापन


दिल्ली विवि छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण हुड्डा ने बताया कि कैंपस में व अन्य कॉलेज सेंटरों से बिजनेस स्टडी के अलावा छात्रों को इंफॉर्मेशन प्रैक्टिस व अंग्रेजी को लेकर भी परेशानी रही। खासकर यूपी व हरियाणा के छात्र जो कि सामान्य अंग्रेजी पढ़ते हैं।
विज्ञापन


छात्रों को इस बात की जानकारी नहीं मिल पा रही कि इन विषयों के लिए किस कोड को भरा जाए। क्योंकि अंग्रेजी इलेक्टिव व कोर के लिए लिए तो विषय कोड हैं लेकिन जनरल अंग्रेजी के लिए कोई कोड नहीं है। प्रशासन का कहना है कि बिजनेस स्टडी को लेकर छात्र दोनों ही विकल्प का चयन कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र अगर चाहें तो ऑनलाइन बुलेटिन में दिए गए विषय कोड 80 को भर सकते हैं या फिर ऑफलाइन बुलेटिन में विषय कोड न होने पर अन्य विषय केलिए दिए कोड 70 को भी चुन सकते हैं। वहीं इंफॉर्मेशन प्रैक्टिस विषय को भी अन्य विषय के कोड के जरिए भरा जा सकता है। जबकि अंग्रेजी सामान्य व प्रैक्टिस के लिए अन्य भाषा कोड का प्रयोग करना होगा।

छात्र संगठन अपडेट नहीं

दाखिला प्रक्रिया में विभिन्न छात्र संगठन छात्रों की फॉर्म भरने से लेकर जानकारी देने में मदद कर रहे हैं। लेकिन छात्र संगठन खुद ही अपडेट नहीं। इसका उदाहरण देखने को मिला स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के जानकारी कार्ड में। इनमें फॉर्म की कीमत पुराने रेट दिए गए हैं, इससे छात्र भ्रमित होते रहे।


एफवाईयूपी रोल बैक को लेकर हस्ताक्षर अभियान
एबीवीपी की ओर से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम को वापस लेने की मांग के लिए कॉलेजों के बाहर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। ऐसा ही नजारा दौलत राम कॉलेज के बाहर देखने को मिला। फॉर्म लेने के लिए कॉलेज पहुंचने वाले ज्यादातर छात्र एफवाईयूपी को वापस लेने के लिए हस्ताक्षर करते नजर आए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed