OMG! माइनर विषय बदलने को ऑप्शन ही नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बार फिर एचपीयू की लापरवाही रूसा में तीसरे सत्र के छात्रों पर भारी पड़ रही है। प्रदेश के हजारों छात्रों के हाथ से माइनर विषय बदलने का मौका निकलता जा रहा है। विवि की वेबसाइट पर विषय बदलने को लेकर कोई भी ऑप्शन और जानकारी उपलब्ध नहीं है। छात्र कक्षाएं लगाने के बाद बदले गए विषय के पिछले सत्रों की तैयारी कर रहे हैं, मगर वे परीक्षा दे भी पाएंगे या नहीं इस पर संशय बना हुआ है।
विवि ने पहले और दूसरे सत्र के बाद तीसरे सत्र में भी रूसा के तहत माइनर विषय बदलने का प्रावधान ही नहीं किया है। ऐसे में प्रदेश भर में यूजी तृतीय सत्र में तीनों संकाय के छात्र परेशान हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालय के पास भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। इसको लेकर विवि से कॉलेजों को भी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
कॉलेजों में तैयारी कर बैठे छात्र
राजधानी के कोटशेरा, संजौली, आरकेएमवी सहित प्रदेश भर के कॉलेजों में छात्र तृतीय सत्र में माइनर विषय बदलना चाहते हैं, मगर उन्हें विवि की साइट पर ऐसी कोई ऑप्शन नहीं मिल रही है और न ही कॉलेजों से जानकारी मिल रही है।
छात्र पहले सत्र में माइनर विषय की कक्षाएं और सेमीनार में भी भाग ले चुके हैं। कॉलेजों ने भी मामला विवि से उठाया। इसका कोई जवाब नहीं आया।
यह है रूसा में प्रावधान
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (रूसा) में यूजी डिग्री करने वाले छात्रों को तीसरे सत्र तक माइनर विषय बदलने की सुविधा दी जाती है। छात्र को डिग्री पूरी करने के लिए बदले गए विषय के पांच पेपरों को पास कर 20 क्रेडिट लेने होते हैं। तीसरे से छठे सेमेस्टर तक के चार पेपरों के अलावा तीसरे सत्र में माइनर विषय बदलने पर उसे प्रथम, द्वितीय सत्र में से एक परीक्षा देनी पड़ेगी।
तो नहीं बदल पाएंगे माइनर विषय
यदि प्रदेश विवि ने छात्रों की समस्या का जल्द समाधान नहीं निकाला तो प्रदेश के हजारों छात्र माइनर विषय नहीं बदल पाएंगे।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने माना कि उनके पास ऐसी शिकायत आई है। संबंधित विशेषज्ञों से चर्चा की जा रही है। जल्द समाधान निकाल कर प्राचार्यों को ई-मेल से दिशा-निर्देश देने का प्रयास करेंगे।