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एलयू के 'चोर गुरू' को मिला करनी का दंड
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Tue, 22 Oct 2013 02:38 AM IST
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शैक्षिक चोरी के आरोप में लखनऊ विश्वविद्यालय ने एमबीए विभाग के शिक्षक डॉ. नीरज कुमार का डिमोशन करके उन्हें प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया है।
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डॉ. नीरज कुमार पर अमेरिका में हुए शोध की थीसिस चुराने का आरोप हैै। जांच में उन पर लगे आरोप सही साबित हुए थे।
शैक्षिक चोरी का आरोप झेल रहे डॉ. नीरज कुमार को आखिरकार प्रोफेसर के पद से हाथ धोना ही पड़ा। लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को लखनऊ विवि के कुलपति प्रो. एस बी निमसे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्य परिषद ने नीरज कुमार के डिमोशन पर मुहर लगा दी।
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डॉ. नीरज कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उन्होंने अमेरिका में वर्ष 1965 में हुए एक शोध का पूरा मैटेरियल चुराया था।
प्रोफेसर पद पर प्रमोशन के लिए बैठी कमेटी के सामने उन्होंने शैक्षिक कार्यों में अमेरिकी शोध का प्रकाशन अपने नाम से किया था। इसके बाद उन्हें प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति मिल गई थी।
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हालांकि इसके पहले डॉ. नीरज कुमार मामला कोर्ट में होने की बात कहते हुए लविवि की कार्रवाई का विरोध जता चुके थे। इसके बावजूद लविवि ने उनका डिमोशन कर दिया।
वहीं डॉ. नीरज क कहना था कि मुझे विश्वविद्यालय ने स्पष्ट रूप से आरोप पत्र नहीं दिया था। मैंने अपनी बात पत्र के माध्यम से रजिस्ट्रार से कही थी। सोमवार को भी मैंने उन्हें मिलकर पत्र सौंपा था।
वैसे कार्य परिषद के फैसले की मुझे कोई जानकारी नहीं है। लिखित आदेश मिलने के बाद ही कुछ करूंगा।