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जब युवाओं के बीच पहुंचे चाचा कलाम
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 15 Jan 2014 11:49 AM IST
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नई दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर बैलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) के चौथे स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा कि लीवर ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में इंस्टीट्यूट का कार्य सराहनीय है।
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इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग, डॉक्टर और यहां तक के मरीज भी मुस्कराते नजर आ रहे हैं। ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए अस्पताल के चिकित्सकों और प्रशासक को बधाई। इस अवसर पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एस के सरीन व अन्य चिकित्सक और अस्पतालकर्मी मौजूद थे।
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डॉ. कलाम ने कहा कि लीवर ट्रांसप्लांट प्लान बेहद सफल रहा है। इसके लिए इंस्टीट्यूट की तारीफ की जानी चाहिए यहां कई ऐसे मरीजों का इलाज किया गया जिसका इलाज करने से निजी अस्पतालों के मना कर दिया था। इंस्टीट्यूट के पहले दीक्षांत समारोह का भी आयोजन किया गया था। पोस्ट ग्रेजुएट के 18 स्टूडेंट को डिग्रियां सौंपी गईं।
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि आईएलबीएस को राष्ट्रीय स्तर पर रेफरल इंस्टीट्यूट बनाने की तैयारी की जानी चाहिए। इंस्टीट्यूट में आम लोगों को भी सहजता से इलाज मिल सके, इसकी व्यवस्था की जाएगी। इंस्टीट्यूट में अभी तक 115 लीवर और 17 किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं।