फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   district level science fair

हैरान कर देंगे नन्हें वैज्ञानिकों के कारनामे

Tue, 11 Feb 2014 12:36 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 11 Feb 2014 12:36 PM IST
विज्ञापन
district level science fair

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की ओर से देहरादून स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में जिला स्तरीय विज्ञान मेला लगाया गया।

विज्ञापन


पढ़ें, देर रात सीएम ने मारा छापा, उड़ गए होश

इसमें बाल वैज्ञानिकों ने शानदार मॉडल के जरिए प्रतिभा दिखाई। वन्य जीव संरक्षण के साथ पर्यावरण बचाने के तरीकों पर भी फोकस रहा।

सौर ऊर्जा मॉडल कारगर
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पंकज नेगी ने दिखाया कि जंगली जानवरों से फसलों का नुकसान रोकने को बिजली के तारों से झटके देने के बजाय सौर ऊर्जा मॉडल कारगर हो सकता है।
विज्ञापन


पढ़ें, नए निजाम ने उत्तराखंड को दी करोड़ों की सौगात
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें खेत के चारों ओर लगी तार छूते ही अचानक तेज आवाज होगी और जानवर वहां से भाग जाएगा। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनियावाला के पीयूष ने एलपीजी के विकल्प के रूप में हाइड्रोजन स्टोर किया।

पढ़ें, सोनिया और हरीश रावत की 'जुगलबंदी' मोदी को देगी मात


उसने वाटर इलेक्ट्रो लाइन मॉडल बनाया। इसमें ऊर्जा से गंदे पानी को जोड़कर हाइड्रोजन स्टोर की। जीआईसी हर्बटपुर की मोनिका और बुसरा ने वायु प्रदूषण, जीआईसी रायवाला की अंशु नौटियाल, दिव्या रौतेला और गंगा कुमारी ने साइकिल जेनरेटर, जीआईसी सेलाकुई की सुमन ने मल्टीपरपज हीटर का मॉडल पेश किया।

सत्येंद्र, विनीता और नीरज ने मारी बाजी
मेले में स्थिर मॉडल में राउमावि अणु चकराता के सत्येंद्र प्रथम, राउमावि लाखामंडल के विकास दूसरे, राउमावि केदारावाला के दानिश और रायपुर की मनीषा तीसरे स्थान पर रहीं।

पढ़ें, अब 21 फरवरी से उत्तराखंड में लागू होगी आचार संहिता

कार्यकारी मॉडल में जीआईसी हर्बटपुर के वली पहले, रायपुर के पंकज नेगी दूसरे रहे। निबंध में जीआईसी लक्खीबाग की आरषी प्रथम, क्विज में डोईवाला के नीरज, मैत्रीदास पहले स्थान पर रहे। चित्रकला में जीजीआईसी अजबपुर की विनीता अव्वल रहीं।

गढ़वाली गीतों ने बांधा समां
मेले का शुभारंभ शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल ने किया। विशिष्ट अतिथि प्रीतम भरतवाण ने गढ़वाली गीत और जागर पेश किए।

मेले में पूर्व उप निदेशक कमला पंत, संयुक्त राज्य परियोजना निदेशक आरपी डंडरियाल, डा.राणा प्रताप आदि मौजूद थे। संचालन बीसी कुनियाल और राकेश काला ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed