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MDU और KU से डिस्टेंस कोर्स कर रहे हैं, पढ़े बेहद अहम खबर
विनीत तोमर/अमरउजाला, रोहतक
Updated Sat, 25 Jul 2015 10:09 AM IST
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प्रदेश की दो सबसे बड़ी और पुरानी यूनिवर्सिटी में डिस्टेंस एजुकेशन की मान्यता को लेकर संकट पैदा हो गया है। नियमों को पूरा नहीं करने पर यूजीसी ने 2015-16 के लिए प्रदेश में सिर्फ हिसार की जीजेयू को ही डिस्टेंस की मान्यता दी है।
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जबकि ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त एमडीयू और केयूके को बड़ा झटका लगा है। दोनों में से किसी भी यूनिवर्सिटी को मान्यता नहीं दी गई है। हालांकि दोनों विवि के अधिकारियों का कहना है कि वे मान्यता को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्र पर पत्र लिख रहे हैं।
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प्रदेश में रोहतक की एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में ही डिस्टेंस के कोर्स कराए जाते हैं। 2012-13 में एमडीयू को तीन वर्ष के लिए मान्यता मिली थी। उसी समय यूजीसी ने निर्देश जारी कर दिए थे कि सत्र 2015-16 के लिए उसी यूनिवर्सिटी को मान्यता दी जाएगी, जो सभी नियमों को पूरा करेगी।
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इसमें पहली शर्त नियमित शिक्षकों की रखी गई थी, लेकिन एमडीयू तभी से डिपार्टमेंट के शिक्षकों के भरोसे ही डिस्टेंस के कोर्स चला रही थी। मौजूदा सत्र की मान्यता के लिए यूजीसी ने दो दिन पहले लिस्ट जारी कर दी। इसमें एमडीयू और केयूके को डिस्टेंस के लिए मान्यता नहीं दी गई।
सवाल : कहां जाएंगे 75 हजार विद्यार्थी
एमडीयू से संबद्घ 12 जिलों में 539 कॉलेज हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एमडीयू में हर साल करीब पचास हजार विद्यार्थी डिस्टेंस से पढ़ाई करते हैं। जबकि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में भी करीब 25 हजार से भी अधिक छात्र हर साल डिस्टेंस एजुकेशन में एडमिशन लेते हैं। दोनों ही यूनिवर्सिटी को इस सत्र के लिए मान्यता नहीं दी गई।
एमडीयू में इन कोर्सों की थी मान्यता
पिछले सत्र में एमडीयू के डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर को अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, लोक प्रशासन, इतिहास, प्रबंधन, लाइब्रेरी साइंस, गणित, कामर्स, ज्योग्राफी और कंप्यूटर साइंस को मान्यता दी गई थी।
प्रो. रजनीश कुमार शर्मा, डायरेक्टर डिस्टेंस एजुकेशन के अनुसार यूनिवर्सिटी के डिस्टेंस सेंटर में 10 नियमित शिक्षक हैं और जरूरत पड़ने पर आउट सोर्स पर भी लगाए जाते हैं। यूजीसी ने एक-दो कोर्स को लेकर आपत्ति जताई थी, जिनके सभी नियम पूरे कर दस्तावेज भेज दिए गए हैं। डिस्टेंस के एडमिशन शुरू होने से पहले ही मान्यता मिल जाएगी।
प्रो. नसीब सिंह गिल डायरेक्टर डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर एमडीयू ने बताया कि डिस्टेंस की मान्यता के लिए नियमित शिक्षक चाहिए, जिसके लिए सरकार को अब तक आठ पत्र भेजे जा चुके हैं। डिस्टेंस की मान्यता नहीं मिलने से यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले करीब पचास हजार विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए मान्यता लेने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।