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नई स्कूल यूनिफॉर्म बनी बहस का मुद्दा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 07 Aug 2013 07:51 AM IST
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सरकारी सहायता प्राप्त रामाधीन सिंह इंटर कॉलेज में नई स्कूल यूनिफॉर्म
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लागू करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
माध्यमिक शिक्षक संघ ने नई यूनिफॉर्म लागू किए जाने का विरोध शुरू कर दिया है। संगठन का आरोप है कि स्कूल प्रशासन जबरदस्ती दूसरे रंग की यूनिफॉर्म बनाने के लिए गरीब बच्चों पर दबाव बना रहा है।
संगठन ने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाकर जिला विद्यालय निरीक्षक एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक से प्रधानाचार्य के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश मंत्री डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि सहायता प्राप्त स्कूलों में गरीब घर के बच्चे पढ़ते हैं।
अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान मे रखते हुए ही शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा छठीं से आठवीं तक बच्चों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जा रही है।
वहीं, स्कूल प्रशासन ने निजी स्कूलों की तर्ज पर बच्चों के चार हाउस बनाकर लाल, हरी, नीली और पीली रंग की यूनीफॉर्म लागू की है।
ये यूनिफॉर्म भी डालीगंज की एक विशेष दुकान से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। संगठन ने कहा कि शिक्षाधिकारियों द्वारा यदि एक सप्ताह में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदर्शन किया जाएगा।
उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार यादव ने बताया कि किसी भी अभिभावक पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। ये हाउस ड्रेस है। इसका उद्देश्य बच्चों में एकरूपता के साथ हाउस एक्टीविटीज के दौरान कॉम्पटीशन की भावना विकसित करना है।
माध्यमिक शिक्षक संघ ने नई यूनिफॉर्म लागू किए जाने का विरोध शुरू कर दिया है। संगठन का आरोप है कि स्कूल प्रशासन जबरदस्ती दूसरे रंग की यूनिफॉर्म बनाने के लिए गरीब बच्चों पर दबाव बना रहा है।
संगठन ने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाकर जिला विद्यालय निरीक्षक एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक से प्रधानाचार्य के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश मंत्री डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि सहायता प्राप्त स्कूलों में गरीब घर के बच्चे पढ़ते हैं।
अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान मे रखते हुए ही शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा छठीं से आठवीं तक बच्चों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जा रही है।
वहीं, स्कूल प्रशासन ने निजी स्कूलों की तर्ज पर बच्चों के चार हाउस बनाकर लाल, हरी, नीली और पीली रंग की यूनीफॉर्म लागू की है।
ये यूनिफॉर्म भी डालीगंज की एक विशेष दुकान से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। संगठन ने कहा कि शिक्षाधिकारियों द्वारा यदि एक सप्ताह में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदर्शन किया जाएगा।
उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार यादव ने बताया कि किसी भी अभिभावक पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। ये हाउस ड्रेस है। इसका उद्देश्य बच्चों में एकरूपता के साथ हाउस एक्टीविटीज के दौरान कॉम्पटीशन की भावना विकसित करना है।