एलयूः स्टूडेंट्स को देनी होगी 75 प्रतिशत अटेंडेंस
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लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में उपस्थिति, मानकविहीन निर्माण की जांच के लिए 11 कमेटियों का गठन किया गया है। ये समितियां 137 डिग्री कॉलेजों की समय-समय पर जांच करेंगी। जांच में प्रयोगशाला, अन्य बुनियादी जरूरतों और सुविधाओं का आंकलन भी होगा।
समितियां लविवि कुलपति को रिपोर्ट सौंपेंगी। इसके बाद इन कॉलेजों के खिलाफ कुलपति एक्शन लेंगे। शैक्षणिक संस्थानों में छात्र उपस्थिति पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी।
नियमानुसार, 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता है। इसके बावजूद विवि न तो कॉलेजों में इस नियम का पालन होता है। दूसरी बड़ी समस्या कॉलेजों की ओर से मानक पूरे न करना है।
जिन्हें सशर्त मान्यता दी गई है, वे भी अभी तक मानक पूरे नहीं कर पाए हैं। ऐसे में कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इसी के तहत 11 कमेटियों का गठन किया गया है।
गुरुजी की उपस्थिति कौन जांचेगा
इनमें विवि के साथ ही डिग्री कॉलेजों के सीनियर टीचर्स भी शामिल हैं। ये टीमें भौतिक सत्यापन करेंगी। मुख्य रूप से छात्रों की उपस्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर का स्तर, भौतिक सुविधाओं और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण होगा।
लविवि कुलपति ने भले ही डिग्री कॉलेजों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली हो पर विश्वविद्यालय के गुरुजी की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कोई पहल नहीं हुई है।
विश्वविद्यालय में भी नियमित कक्षाएं नहीं चलती हैं। कई शिक्षक कक्षाओं से लगातार गायब रहते हैं। विश्वविद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति की कोई व्यवस्था न होने के कारण उनकी जवाबदेही नहीं तय की जाती है।
कुलपति ने कॉलेजों की ईमानदारी परखने के लिए समितियों का गठन कर दिया है लेकिन विश्वविद्यालय के शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने की कोई व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है।