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यहां के कम्पयूटर टीचर मांग रहे इच्छा मृत्यु

Mon, 06 Jan 2014 10:14 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 06 Jan 2014 10:14 AM IST
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demand of willing death by computer teachers
रेगुलर किए जाने की मांग पर अड़े सरकारी स्कूलों के कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स को अब नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
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कांट्रैक्ट टीचरों ने डीपीआई (स्कूल) कमलेश कुमार पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। गवर्नमेंट कंप्यूटर टीचर्स यूनियन प्रधान पूनम तपरियाल ने कहा डीपीआई हमें नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैं।

वहीं एक शिक्षिका ने कहा कि जब भी डीपीआई(स्कूल) से रेगुलर और वेतन बढ़ाने के मामले में मिलने जाते हैं तो वह हमेशा ही कड़े शब्दों में कहीं और नौकरी तलाशने को कहते हैं।
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वे डीपीआई के इस व्यवहार को काफी दुखी हैं। डीपीआई शिक्षकों को सर्विस रुल्स की अनदेखी कर विरोध प्रदर्शन करने पर भी निकालने की धमकी दे रहे हैं।

कोट
डीपीआई(स्कूल) की ओर से हमें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। दफ्तर में वह सही भाषा का प्रयोग नहीं करते। हम अपनी हक के लिए लड़ रहे हैं। अधिकारियों की धमकी से हम डरने वाले नहीं। मामले को राहुल गांधी और राष्ट्रपति तक लेकर जाएंगे।  
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पूनम तपरियाल (चंडीगढ़ कंप्यूटर टीचर्स यूनियन)

कोट
मैने कंप्यूटर टीचर्स को पांच सदस्यों की कमेटी बनाकर आने को कहा था। टीचर्स के साथ अभद्र व्यवहार का कोई मतलब ही नहीं उठता। ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं।
कमलेश कुमार (डीपीआई(स्कूल यूटी)  

कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचरों ने मांगी इच्छा मृत्यु, राष्ट्रपति को लिखेंगे चिट्ठी
चंडीगढ़। दो सौ के करीब कंप्यूटर टीचर्स और डाटा एंट्री आपरेटरों की 13वें दिन भी भूख हड़ताल जारी रही।

सेक्टर-20 के मस्जिद ग्राउंड में यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन के सहयोग से शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विरोध करने वालों में 80 फीसदी से अधिक महिलाएं शामिल हैं। विरोध प्रदर्शन में कंप्यूटर शिक्षकों के बच्चे भी शामिल हुए।

गवर्नमेंट कंप्यूटर टीचर्स यूनियन प्रधान पूनम तपरियाल ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के तौर पर वे अब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सभी कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स राष्ट्रपति को इच्छा मृत्यु की अनुमति के लिए चिट्ठी लिखेंगे।

रेगुलर किए जाने की मांग बिल्कुल वाजिब है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन पंजाब के रिटायरमेंटरूल्स तो तुरंत फोलो कर लेता है, लेकिन नौकरी देने के मामले में उन्हें भूल जाता है।

उधर यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि प्रशासन को कंप्यूटर टीचर्स के बारे में सोचना चाहिए।

पवन बंसल ने दिया भरोसा
रविवार को कंप्यूटर टीचर्स का एक दल स्वर्ण सिंह कंबोज की अगुवाई में सांसद पवन कुमार बंसल से मिला। शिक्षकों के अनुसार बंसल ने इस मामले में प्रशासन के अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया है।


साथ ही डीपीआई (स्कूल) द्वारा नौकरी से निकाले जाने की धमकी पर भी प्रशासक के सलाहकार से बातचीत करने को कहा। कंप्यूटर टीचर्स ने बताया कि बंसल ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिक्षकों के साथ गलत भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए था।
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