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'युवाओं को रोजगार के लायक बनाएं यूनिवर्सिटी'

Wed, 19 Feb 2014 10:42 PM IST
डिजिटल टीम/अमर उजाला, चंडीगढ़
डिजिटल टीम/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Feb 2014 10:42 PM IST
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delhi university vc dinesh says

दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) से हर साल करीब 60 हजार युवाओं को डिग्री मिलती है। लेकिन, रोजगार कितने युवाओं को मिला इसकी कोई जानकारी नहीं होती है।

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कालेज या यूनिवर्सिटी का मकसद विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री देने तक सीमित नहीं है। उन्हें बेहतर नौकरी भी मिलनी चाहिए। इसके लिए देश में हायर एजूकेशन को नई दिशा देने की जरूरत है। यह विचार बुधावर को टैगोर थियेटर में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने रखे।
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वह सोसाइटी फॉर प्रमोशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन इंडिया (एसपीएसटीआई) की ओर से हायर एजूकेशन पर कराए गए सेमिनार में शिरकत करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड डीडीएस संधू ने भी शिरकत की।
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कार्यक्रम का संचालन एसपीएसटीआई प्रेसिडेंट और हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी धर्मबीर, वाइस प्रेसिडेंट सुमन बेरी, प्रो.आईबीएस पासी भी मौजूद थे। ट्राइसिटी के विभिन्न स्कूल और कालेज के सैकड़ों विद्यार्थियों ने 21वीं सदी में भारत... उच्चतर शिक्षा की भूमिका पर शिक्षाविदों के विचारों को सुना।

पीयू कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर ने कहा कि दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी से मुकाबले के लिए हमें भी इंटीग्रेटेट कोर्स और ग्रेजुएट ऑनर्स स्कूल शुरू करने होंगे।

उन्होंने कहा कि स्कूल और हायर एजूकेशन दोनों को मिलकर फ्रेमवर्क तैयार करना होगा। आईएसएसआर के डायरेक्टर सत्यमूर्ति ने बताया कि मोहाली स्थित इंस्टीट्यूट में क्वालिटी रिसर्च पर जोर दिया जा रहा है।

कम्युनिकेशन और टेक्निकल स्किल से मिलेगी नौकरी
प्रो.दिनेश ने बताया कि आज के दौर में नौकरी की कमी नहीं, लेकिन युवाओं को कम्युनिकेशन और टेक्निकल स्किल को बेहतर बनाने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि डीयू के 80 कालेज में बीए स्तर के हजारों युवाओं को नौकरी देने के लिए मुंबई की कंपनी से टाइअप किया गया। 60 हजार से अधिक ने रजिस्ट्रेशन कराया। लेकिन, कंपनी ने सिर्फ 3 युवाओं को चुना।

2013 में डीयू में चार वर्षीय इंटीग्रेटेस ग्रेजुएशन डिग्री को शुरू करने वाले प्रो. दिनेश ने कहा कि इंटरनेशनल स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर कैरिकुलम में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि हायर एजूकेशन स्तर पर प्रेक्टिकल ट्रेनिंग की कमी के कारण भी युवाओं को बेहतर रोजगार नहीं मिल पाता। हमे सोचना होगा कि सोसाइटी को क्या चाहिए।

सिंह ने कहा कि देश में हजारों मैनेजमेंट कॉलेज खुले हैं, लेकिन किसी ने भी मुंबई के डिब्बेवाला पर मैनेजमेंट नजरिए से रिसर्च नहीं की है। उन्होंने देश में ओपन यूनिवर्सिटी की वकालत भी की।


खूब हुए सवाल-जवाब
टैगोर थियेेटर में हायर एजूकेशन पर आयोजित सेमिनार में बच्चों और प्रोफेशनल ने खुलकर सवाल जवाब किए। देश में क्वालिटी एजूकेशन से लेकर युवाओं को डिग्री के बाद भी रोजगार नहीं मिलने जैसे मुद्दे शिक्षाविदों के सामने उठाए गए। आईआईटी रोपड़ की एक शिक्षिका ने इंस्टीट्यूट को मिलने वाली रैंकिंग को लेकर ही सवाल उठा दिए।

पीयू में भी प्रो.दिनेश सिंह का लेक्चर
पंजाब यूनिवर्सिटी के डा. एसएस भटनागर ऑडिटोरियम में बुधवार दोपहर बाद डीयू कुलपति प्रो.दिनेश सिंह ने क्लोकियम सीरीज (महीने में किसी नामी हस्ती का लेक्चर) के तहत गणित के वैदिक महत्व पर विशेष लेक्चर दिया। प्रो.दिनेश को सुनने के लिए पूरा ऑडिटोरियम लेक्चर से पहले ही भर गया। इस मौके पर पीयू के डीयूआई प्रो. एके भंडारी, प्रो. अर्चना आर सिंह और हरियाणा के पूर्व चीफ सेक्रेटरी धर्मबीर भी मौजूद थे।

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