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नर्सरी दाखिले का फॉर्मूला तैयार, नहीं लेंगे इंटरव्यू
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 07 Dec 2014 11:05 AM IST
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दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिला के फॉर्मूले को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। निजी स्कूलों की सबसे बड़ी संस्था नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस (एनपीएससी) की 3 दिसंबर को हुई बैठक में स्कूलों ने आपसी सहमति के आधार पर फॉर्मूला तैयार किया है।
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फॉर्मूला तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि गाइडलाइंस छात्र, अभिभावक और स्कूलों के अनुकूल और पारदर्शी हो। स्कूलों ने आपसी सहमति से जो गाइलाइंस तैयार की है, उसमें बच्चों और अभिभावकों का साक्षात्कार नहीं लेने का फैसला शामिल है।
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एनपीएससी की अध्यक्ष अमिता मूला वट्टल ने बताया कि एनपीएससी से जुड़े स्कूलों ने आपसी सहमति से कोर्ट के 14 दिसंबर 2007 के फैसले के मुताबिक ही गाइडलाइंस तैयार की है। गाइडलाइंस इस तरह से बनाई गई है कि उन्हें बिना किसी असमंजस के लागू किया जा सके। साथ ही आर्थिक रुप से पिछड़े वर्ग की 25 फीसदी सीटों का भी ध्यान रखा गया है।
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सामान्य वर्ग की 75 सीटों के लिए फॉर्मूला
सामान्य वर्ग की 75 फीसदी सीटों पर दाखिले के लिए स्कूलों ने छह मानक तैयार किए हैं। इनमें नेबरहुड, सिबलिंग, एलुमनी, कर्मचारियों के बच्चे (पांच फीसदी), 20 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटा और विशेष जरूरत वाले बच्चे मानक शामिल हैं। इन सभी मानकों के लिए स्कूल अपने हिसाब से अंक तय करेंगे। खासकर नेबरहुड के लिए स्कूल आसपास के इलाकों को देखकर अंक तय करेंगे।
मैनेजमेंट कोटे की 20 फीसदी सीटें होंगी। स्कूल अपनी जरूरत के मुताबिक कुछ मानक वैकल्पिक भी रख सकते हैं। जिसमें सिंगल पैरेंट्स (एकल अभिभावक), पहला बच्चा (फर्स्ट बोर्न चाइल्ड), गर्ल चाइल्ड (लड़की) और अल्पसंख्यक शामिल है। अभिभावकों को ध्यान रखना होगा कि यह मानक केवल सामान्य वर्ग के लिए हैं। मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून (आरटीई) के निर्देशानुसार 25 फीसदी सीट आर्थिक पिछड़े वर्ग के लिए होंगी।
फॉर्म के शेड्यूल अलग-अलग होंगे
निजी स्कूलों में दाखिले के लिए शेड्यूल अलग-अलग होंगे। प्रत्येक स्कूल अपने मुताबिक ही शेड्यूल की तिथियां जारी करेंगे। एनपीएससी की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि 20 दिसंबर वर्ष 2014 से 20 जनवरी 2015 के बीच में स्कूल 15 दिन फॉर्म देने और जमा करने के लिए रखेंगे।
दाखिला सूची जारी करने के लिए भी स्कूल ही तिथि जारी करेंगे, जिसकी जानकारी वे वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही आर्थिक पिछड़े वर्ग की सीटों पर दाखिला के लिए 25 जनवरी से 5 फरवरी के बीच ड्रॉ होंगे। स्कूलों को पूरी दाखिला प्रक्रिया 31 मार्च 2015 तक पूरी करनी होगी।
प्रॉसपेक्टस की बिक्री नहीं होगी
निजी स्कूलों ने तय किया है कि दाखिले के लिए प्रॉसपेक्टस और ब्रोशर की बिक्री नहीं होगी। ना ही इनके नाम पर किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। अभिभावकों को केवल दाखिला पंजीकरण के लिए 25 रुपये देने होंगे। फिर चाहे वह ऑनलाइन आवेदन करें या फिर ऑफलाइन।
अभिभावकों में राहत के साथ असमंजस
गाइडलाइंस सामने आने से अभिभावक राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन वह असमंजस में भी हैं। असमंजस इस बात को लेकर है कि अलग-अलग स्कूल एसोसिएशन क्या अलग-अलग क्राइटेरिया तय करेंगी। दरअसल, श्रीराम स्कूल और वसंत वैली की एसोसिएशन अलग, डीएवी के लिए अलग, एनपीएससी की अलग, कॉंन्वेंट स्कूल की अलग है। इस तरह से अगर सब अलग-अलग क्राइटेरिया बनाएंगे तो परेशानी अभिभावकों को ही होगी।