सीबीएसई परीक्षा में दिल्ली चुनाव बने रोड़ा
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दसवीं और 12वीं के परीक्षा कार्यक्रम पर दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव रोड़ा बन रहे हैं।
बोर्ड हर साल सितंबर तक परीक्षा कार्यक्रम जारी कर देता है, लेकिन इस बार दिल्ली चुनाव की तिथि अब तक घोषित न होने की वजह से परीक्षा कार्यक्रम अटका है। सीबीएसई घोषणा कर चुका है कि एक मार्च से परीक्षाएं शुरू होंगी।
परीक्षा कार्यक्रम भी तैयार हो चुका है। लेकिन दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित न होने से परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
क्योंकि दिल्ली के चुनाव में बोर्ड के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की ड्यूटी ही लगती है। ऐसे में अगर चुनाव के दो दिन पहले, चुनाव के दिन या मतगणना के दिन कोई पेपर पड़ गया तो दिक्कत हो जाएगी।
कम समय में अधिक विषयों की परीक्षा चुनौती
बोर्ड के लिए एक और परेशानी यह भी है कि छह मार्च को होली है। इस सप्ताह में होली से एक दिन पहले और एक दिन बाद आमतौर पर पेपर नहीं होता है। ऐसे में पहले सप्ताह में केवल दो पेपर ही हो पाएंगे। चार अप्रैल 2015 को बोर्ड को ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेंस भी कराना है।
इतने कम समय में अधिक विषयों की परीक्षा कराना और भी चुनौतीपूर्ण है। सीबीएसई देहरादून रीजन के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड इन वजहों से पसोपेश में है। उम्मीद है जल्द परीक्षा कार्यक्रम घोषित हो जाएगा।
चेयरमैन पर असमंजस ने भी रोकी प्रक्रिया
सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी दिसंबर में रिटायर हो गए थे। वे मणिपुर कैडर के 1992 बैच के आईएएस थे। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार मिल गया है लेकिन फाइल पर हस्ताक्षर न होने से वह चेयरमैन का पदभार नहीं संभाल पाए हैं।
इस वक्त बोर्ड के चेयरमैन का अतिरिक्त कार्य मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. सतबीर सिलास को दिया गया है। इस वजह से भी परीक्षा कार्यक्रम को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो पा रहा है।