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अब अभिभावकों को ऐसे ठग रहे हैं देहरादून के स्कूल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 07 Feb 2014 02:02 PM IST
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राजधानी देहरादून के पब्लिक स्कूलों ने प्रॉस्पेक्टस से ही कमाई का जरिया निकाल लिया है। स्कूल केवल पंजीकरण के नाम पर अभिभावकों से मोटी कमाई कर रहे हैं।
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कीमत स्कूल 400 से 1500 रुपए
महज कुछ रुपयों की लागत से छपने वाले इस प्रॉस्पेक्टस की कीमत स्कूल 400 से 1500 रुपए तक वसूल रहे हैं। जबकि, आरटीई नियमों के मुताबिक स्कूल में पंजीकरण के नाम पर पैसा नहीं वसूला जा सकता है।
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शहर के सेंट जोजेफ्स एकेडमी, दून इंटरनेशनल स्कूल, सेंट थॉमस एकेडमी, ब्राइटलैंड स्कूल जैसे तमाम नामी स्कूलों में प्रॉस्पेक्टस की कीमत एक हजार से 1500 रुपए है। प्रॉस्पेक्टस के नाम पर लिया जाने वाला शुल्क नोन रिफंडेबल है।
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यानी एडमिशन हो या न हो, प्रॉस्पेक्टस की कीमत वापस नहीं होगी। एक अभिभावक अगर अपने तीन स्कूलों में भी पंजीकरण करता है तो उसके तीन से चार हजार रुपए ऐसे ही खर्च हो जाते हैं।
डीएवी को अब पता चला नियम
दाखिला के लिए परीक्षा कराने की शिकायत पर डीएवी पब्लिक स्कूल डिफेंस कालोनी बृहस्पतिवार को बैकफुट पर नजर आया।
स्कूल प्राचार्य सारिका बैंबे ने आरटीई प्रभारी तृप्ता शर्मा को शिकायत पर माफी मांगते हुए लिखकर दिया है कि वह आरटीई के इस नियम के प्रति जागरूक नहीं थे।
जबकि प्रदेश में तीन साल पहले शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हो चुका है और गत वर्ष भी सभी स्कूलों को इसकी जानकारी दी गई थी।
दाखिले के लिए स्कूल प्रवेश परीक्षा नहीं करा सकते। अगर बीच सत्र में किसी कक्षा में दाखिला लिया जाता है तो उसमें स्कूल खुद जांच परख कर दाखिला देने को आजाद हैं। आरटीई नियमावली स्कूलों को अभी और समझने की जरूरत है।
- अजय सेतिया, अध्यक्ष, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग