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स्कूल से निकलकर गोशाला में पहुंचे बच्चे
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Jul 2014 03:16 PM IST
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स्कूल पर ताला लगने के बाद न्यू प्रभु निकेतन के बच्चों को एक गोशाला का सहारा नसीब हुआ है। शिक्षकों ने बच्चों को जोड़े रखने के लिए अजबपुर खुर्द में अस्थायी व्यवस्था की है।
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स्कूल के लिए गोशाला के ऊपर मिला तंग कमरा
लेकिन गोबर के ढेर से उठती बदबू के बीच तंग जगह में ये बच्चे कितने दिन तक पढ़ने आते रहेंगे, यह बड़ा सवाल है।
न्यू प्रभु निकेतन स्कूल बंद होने के बाद 37 बच्चों के भविष्य पर संकट देख स्कूल के शिक्षकों ने अपने स्तर पर शीतला विहार, अजबपुर खुर्द में कक्षाएं चलाने का फैसला किया। लेकिन, उन्हें यहां एक गोशाला के ऊपर तंग कमरा ही मिल सका।
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गुरुवार को अमर उजाला यहां पहुंचा तो गोशाला में बिखरे गोबर के ढेर से गुजरना पड़ा। किसी तरह ऊपर पहुंचे तो टाट पट्टी पर कक्षा आठवीं की आरती, सातवीं का विशाल, आशीष और आकांक्षा समेत करीब 15 बच्चे बैठे नजर आए।
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पहले ये बच्चे कुर्सियों पर बैठा करते थे। लेकिन अब शिक्षकों के लिए भी मेज-कुर्सी नहीं है। दूसरी ओर, कमरे में न खिड़की थी न गर्मी से निजात के लिए बिजली और पानी की कोई व्यवस्था।
मिड डे मील भी नहीं बनाया जा सका
सहायक अध्यापक गिरीश सेमवाल ने बताया कि स्कूल में 37 बच्चे थे। स्कूल बंद हुआ तो कुछ ने दूसरी जगह दाखिला ले लिया।
कुछ इन दिनों नहीं आ रहे हैं। बताया कि जो आ रहे हैं, उन्हें बनाए रखने के लिए गोशाला में स्कूल चलाया जा रहा है। सेमवाल ने बताया कि कई दिन से बच्चों के लिए मिड डे मील भी नहीं बनाया जा सका है।
नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी bsbora@ddn.amarujala.com और इस नंबर 9675202099 पर संपर्क कर सकते हैं।