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डिग्री लाने के लिए नहीं जाना होगा विवि, घर पर आएगी डिग्री

Mon, 05 Oct 2015 03:57 PM IST
Updated Mon, 05 Oct 2015 03:57 PM IST
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स को डिग्री के लिए अब विवि के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह डिग्री अब डाक से स्टूडेंट्स के घर के पते पर पहुंचाई जाएगी।

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रविवार को कुलपति प्रो. विनय पाठक की अध्यक्षता में विवि के विभिन्न डीन और कोऑर्डिनेटर्स की बैठक में इस पर सहमति बन गई। बैठक में परीक्षा के क्वेश्चन बैंक तैयार करने पर भी सहमति बनी है। अलग ब्रांच के क्वेश्चन पेपर तैयार करने के लिए 16 नोडल सेंटर भी बना दिए गए हैं। बैठक में प्रश्नपत्रों के नए स्वरूप पर भी सहमति बनी।
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अभी तक जारी व्यवस्था के अनुसार स्टूडेंट्स को अंकपत्र उसके कॉलेज से ही मिल जाते हैं। जबकि डिग्री के लिए उसे विवि आना होता है। कई बार स्टूडेंट्स कई साल तक डिग्री नहीं ले जाते हैं। ऐसे में डिग्री छपी हुई होने पर विवि को उसका रखरखाव करना होता है। जबकि डिग्री छपी हुई न होने की सूरत में स्टूडेंट्स द्वारा आवेदन करने पर छपवानी होती हैं।
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दोनों ही सूरत में काफी मुसीबत होती है। आमतौर पर स्टूडेंट्स डिग्री के लिए तभी आवेदन करते हैं जब उन्हें अचानक जरूरत होती है। ऐसे में स्टूडेंट्स को काफी मुसीबतों का सामना करना होता है। इन सब मुसीबतों को कम करने के लिए विवि ने अब डिग्री स्टूडेंट्स के पते पर डाक द्वारा भेजे जाने की व्यवस्था करने जा रहा है।

इसका फायदा स्टूडेंट्स और विवि दोनों को होगा। विवि को डिग्री के रखरखाव में ऊर्जा नहीं लगानी होगी। जबकि स्टूडेंट्स को घर बैठे उसकी डिग्री मिल जाएगी। इस काम में ज्यादा समय और रुपये भी नहीं लगने हैं। 50 रूपये से भी कम खर्च में हफ्ते भर के समय में डिग्री स्टूडेंट्स के पते पर भेजी जा सकेगी।

16 सेंटर तैयार करेंगे क्वेश्चन बैंक

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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने स्टूडेंट्स को परीक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त कराने के लिए क्वेश्चन बैंक तैयार करने का फैसला किया है। इसके विवि ने 16 नोडल सेंटर तय कर दिए हैं। इन नोडल सेंटर के पास जिम्मेदारी होगी कि वो संबंधित सब्जेक्ट की क्वेश्चन बैंक तैयार करें।

क्वेश्न बैंक तैयार होने पर विवि की वेबसाइट पर सभी के लिए उपलब्ध होंगे। विवि की परीक्षाओं में इसी पर आधारित सवाल पूछे जाएंगे। विवि के कुलपति के अनुसार इस क्वेश्चन बैंक को पढ़ने के बाद स्टूडेंट्स को परीक्षा में पूछे जा सकने वाली सभी प्रकार के प्रश्नों का आइडिया हो जाएगा। परीक्षा के दौरान अच्छे नंबर लाने के दौरान यह काफी उपयोगी हो जाएगा।

बैठक में प्रश्नपत्र का नया स्वरूप भी तय किया गया। अब प्रश्नपत्र में तीन भाग में होंगे। पहले भाग में 10 प्रश्न दो-दो नंबर के होंगे। दूसरे भाग में नौ सवाल होंगे जिसमें स्टूडेंट्स को कोई पांच सवाल हल करने होंगे। पांचों सवाल 10-10 नंबर के होंगे।

तीसरे व अंतिम भाग में तीन प्रश्न होंगे और स्टूडेंट को केवल दो सवाल हल करने होंगे। ये सवाल 15-15 नंबर के होंगे। दिसंबर माह में शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं में नया पैटर्न फॉलो किया जाएगा। विवि में नए पैटर्न के हिसाब से ट्रेनिंग कराई जाएगी तथा कार्यशाला का भी आयोजन होगा। विभिन्न संस्थानों में आयोजित होने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए धन की व्यवस्था विवि करेगा।

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