नौकरी में अड़ंगा बनी डीम्ड विवि की डिग्री
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हरियाणा के नवचयनित पीजीटी बिना कसूर की सजा काट रहे हैं। डीम्ड यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने के कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो पा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी उनकी सही बात सरकार के सामने नहीं पहुंचा रहे हैं। जिसके कारण वे जून की तपती दोपहर में प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
पूरा मामला यह है कि शिक्षा विभाग ने उन लोगों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए हैं, जिन्होंने आईएएसई यूनिवर्सिटी सरदार शहर (राजस्थान), जेआरएन विद्यापीठ (उदयपुर), विनायका मिशन यूनिवर्सिटी (तमिलनाडु) और बैंगलोर यूनिवर्सिटी, बैंगलोर से एमए पास किया है। उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र यह कह कर रोक दिया है कि इन यूनिवर्सिटी पर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है।
कोर्ट केस में प्रोफेशनल और तकनीकी कोर्स का जिक्र
डीम्ड ग्रुप के प्रधान रमेश कुमार के मुताबिक शिक्षा विभाग चाहे तो जांच पूरी होने तक हमें कंडीशनल नियुक्ति दे सकता है, लेकिन विभाग की नियत खराब है। जिस कारण हमें तंग किया जा रहा है।
पवन कुमार के मुताबिक उनके साथ विभाग ने हिसार में एक अन्य को पीजीटी ज्वाइन करवाया था, लेकिन हफ्ते बाद उन्हें यह कह कर रिलीव कर दिया कि वे डीम्ड यूनिवर्सिटी से डिग्री लाए हैं, जबकि दूसरा अभी तक कर रहा है।
डीम्ड यूनिवर्सिटी की डिग्री
रमेश कुमार, पवन कुमार, सजन कुमार, विजेंद्र और दीपा ने बताया कि शिक्षा विभाग में इन्हीं डीम्ड यूनिवर्सिटी की डिग्री लेने के बाद कांट्रेक्ट आधार पर बीआरपी काम कर रहे हैं, जबकि हमें वैध नहीं माना जा रहा।
शिक्षा विभाग ने की टीमें भेजने की तैयारी:
शिक्षा विभाग के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि सभी डीम्ड यूनिवर्सिटी में हम अपनी टीमें भेज रहे हैं। जो एक हफ्ते के भीतर कागजों की जांच कर रिपोर्ट देंगी। बाकी पीजीटी के मामले में विभाग ने कानूनी राय मांगी है।