एचपीयू कर्मचारियों से छिन सकता है सचिवालय वेतन
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वित्त कमेटी की 27 जून को प्रस्तावित बैठक पर हजारों कर्मचारियों और छात्रों की नजरें टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कर्मचारियों को 1971 से मिल रहे सचिवालय वेतन को बंद करने की सिफारिश भी हो सकती है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला ईसी ही लेगी। कर्मचारियों को तीन सौ लेकर 25 सौ तक सचिवालय वेतन मिलता है।
इसके साथ बैठक में दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा फीस बढ़ोतरी को लेकर गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट रहेगी। बैठक में कमेटी फीस को कम करने को लेकर आई सिफारिशों का ब्यौरा भी पेश करेगी। वित्त कमेटी की बैठक छात्र, कर्मचारी और विवि के हर वर्ग के लिए अहम मानी जा रही है। छात्रों को बैठक में फीस कम होने को लेकर राहत भरी खबर आने की उम्मीद है।
वित्त कमेटी की बैठक में इस रिपोर्ट के आधार पर ही बढ़ाई गई फीस को कम करने पर विश्वविद्यालय कोई फैसला लेने के लिए इसे कार्यकारी परिषद में लेकर जाएगा। लेकिन बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सचिवालय भत्ता रहेगा। इस पर हजारों कर्मचारियों की नजर है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में विवि कर्मियों को 1971 से लेकर मिल रहे सचिवालय वेतन को बंद किए जाने की सिफारिश की जा सकती है। अगर ऐसे होता है तो विवि परिसर में बवाल मचना तय है।
छात्र संगठनों और विवि कर्मचारियों को भी इस बैठक के होने का बेसब्री से इंतजार है। सूचना के मुताबिक बैठक में कई और महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं जो सीधे तौर पर कर्मचारियों और छात्रों से जुड़े हैं। बैठक का छात्र संगठन लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, चूंकि ईसी में जाने से पहले फीस कम करने का मामला वित्त कमेटी से पास होना जरूरी था।
विवि प्रशासन इस मामले को टालता रहा है, जिस पर छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन करते रहे। अब छात्र संगठनों को उम्मीद है कि 27 जून की बैठक में जो रिपोर्ट रखी जाएगी वह छात्र हित में होगी। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने माना कि 27 जून को विश्वविद्यालय की बैठक बुलाई है।
फीस कम करने पर लें फैसला : कौशल
शिमला। एबीवीपी की विवि इकाई अध्यक्ष नवनीत कौशल और उपाध्यक्ष प्रदीप ने कहा कि शनिवार को होने वाली वित्त कमेटी की बैठक में फीस बढ़ोतरी पर गठित हाई पॉवर कमेटी की सिफारिश पर चरचा कर फीस कम करने पर हर हाल में फैसला लिया जाना चाहिए। यदि विवि प्रशासन ने इस पर निर्णय जल्द न लिया तो एबीवीपी इसके खिलाफ आंदोलन खड़ा करेगी।
फैसला न लिया तो गंभीर होंगे परिणाम
एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष पुनीत धांटा ने कहा कि लाखों गरीब आम छात्रों से जुड़े फीस कम करने के मामले को विवि प्रशासन छह माह से लटकाता आ रहा है। इस पर बनी हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया। न ही फीस कम करने पर फैसला लिया। यदि शनिवार की वित्त कमेटी की इस बैठक में रिपोर्ट न रखी गई तो परिणाम गंभीर होंगे।