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जितना बड़ा कालेज, उतनी बड़ी लापरवाही
देहरादून/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2013 04:29 PM IST
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एक ओर डीएवी कालेज में सीट बढ़ाने और मेरिट पर दाखिले न करने को लेकर आंदोलन चल रहा है तो दूसरी ओर कैंपस बेजारी की हालत में है। कालेज के कई विभागों में जंगल जैसे हालात बन गए हैं।
प्राचार्य कक्ष वाले भवन के ठीक पीछे विधि विभाग है। विभाग की एक इमारत तो सही है लेकिन लॉ क्लासरूम के बाहर बरसाती घास उग आई हैं। घास के जंगल को देखकर लगता ही नहीं है कि किसी कालेज परिसर में आ गए हैं।
घास के जंगल ने ढक लिया
इसी प्रकार शिक्षा शास्त्र प्रयोगशाला तक जाने का रास्ता भी घास के जंगल ने ढक लिया है। कैंपस के ठीक बीच स्थित खेल के मैदान का भी बुरा हाल है। मैदान के बीच में पानी भरा है, जहां खेलना तो दूर चलना भी दुश्वार हो रहा है। यह स्थिति न तो कालेज प्रबंध को दिख रही है और न ही छात्र नेताओं को।
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हम हर साल व्यवस्था सुधार को लेकर बजट पास करते हैं। इस बार भी कालेज प्रशासन की ओर से जितने बजट की मांग की जाएगी, सफाई व्यवस्था को लेकर हम उतना पास कर देंगे।
- जोगेंद्र स्वरूप, सेक्रेटरी, डीएवी प्रबंधन
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प्राचार्य कक्ष वाले भवन के ठीक पीछे विधि विभाग है। विभाग की एक इमारत तो सही है लेकिन लॉ क्लासरूम के बाहर बरसाती घास उग आई हैं। घास के जंगल को देखकर लगता ही नहीं है कि किसी कालेज परिसर में आ गए हैं।
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घास के जंगल ने ढक लिया
इसी प्रकार शिक्षा शास्त्र प्रयोगशाला तक जाने का रास्ता भी घास के जंगल ने ढक लिया है। कैंपस के ठीक बीच स्थित खेल के मैदान का भी बुरा हाल है। मैदान के बीच में पानी भरा है, जहां खेलना तो दूर चलना भी दुश्वार हो रहा है। यह स्थिति न तो कालेज प्रबंध को दिख रही है और न ही छात्र नेताओं को।
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हम हर साल व्यवस्था सुधार को लेकर बजट पास करते हैं। इस बार भी कालेज प्रशासन की ओर से जितने बजट की मांग की जाएगी, सफाई व्यवस्था को लेकर हम उतना पास कर देंगे।
- जोगेंद्र स्वरूप, सेक्रेटरी, डीएवी प्रबंधन