भारी विरोध के बाद डीएवी का छात्र संघ चुनाव स्थगित
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डीएवी पीजी कॉलेज का बुधवार को होने वाला छात्र संघ चुनाव डीएम के आदेशों के बाद स्थगित कर दिया गया है। देर शाम तक एबीवीपी सहित कई छात्र गुट इस विरोध में कॉलेज में डटे रहे।
अब एबीवीपी ने कहा है कि वह इस स्थगन के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। दिनभर एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच आईकार्ड को लेकर खींचतान के बाद डीएम के इस आदेश से छात्र संगठन सकते में हैं।
मंगलवार को डीएवी कॉलेज में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल का घेराव किया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कॉलेज प्रशासन ने एबीवीपी को सहयोग करते हुए बल्क में आईकार्ड दे दिए हैं, जिससे चुनाव प्रभावित हो सकता है।
इस बात को लेकर कार्यकर्ताओं की प्रिंसिपल से तीखी नोंकझोंक भी हुई। किसी तरह मामला सुलझा लेकिन दोपहर बाद फिर मामला गर्म होने लगा। दोबारा प्रिंसिपल आफिस में एनएसयूआई कार्यकर्ता अपना विरोध जताने पहुंच गए। इस बीच कॉलेज में एबीवीपी के कार्यकर्ता भी आ गए।
बहस बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई
दोनों पक्षों के बीच पुलिस की मौजूदगी में बहस बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। किसी तरह पुलिस ने हालात संभाले और एबीवीपी कार्यकर्ता बाहर चले गए। नाराज एनएसयूआई कार्यकर्ता प्राचार्य कार्यालय के बाहर नीचे धरने पर बैठ गए। एनएसयूआई की मांग थी कि छात्र संघ चुनाव स्थगित किया जाए और परिचय पत्रों का प्रकरण सुलझाया जाए।
शाम करीब साढ़े छह बजे दोबारा एनएसयूआई कार्यकर्ता प्राचार्य के पास पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य को चुनाव स्थगित न करने की सूरत में देख लेने की धमकी दी। इस बीच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रताप शाह कॉलेज पहुंचे।
उन्होंने प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन और मुख्य चुनाव अधिकारी डा. आरके पाठक को बताया कि डीएम के आदेशों के तहत फिलहाल दस सितंबर को होने वाले चुनाव स्थगित कर दिए जाएं।
हालांकि इस बीच कुछ शिक्षकों ने आपत्ति भी जताई लेकिन अपर जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में आदेश सुना दिया और बता दिया कि थोड़ी देर में इसकी लिखित कॉपी उनके पास भेज दी जाएगी। यह खबर सुनते ही एबीवीपी के कार्यकर्ता दोबारा कॉलेज प्राचार्य के पास पहुंचे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत प्राचार्य को ज्यूडिशियल पावर है। किसी भी आपत्ति पर सीधे हाईकोर्ट में ही सुनवाई हो सकती है। लेकिन प्राचार्य ने आदेश आने का इंतजार किया।
आठ बजे आया डीएम का आदेश
शाम करीब आठ बजे डीएम का आदेश आया, जिसमें लिखा था कि छात्र संगठनों की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, और उप जिलाधिकारी सदर ने जांच की। इस रिपोर्ट में पाया गया कि कॉलेज स्तर पर परिचय पत्र वितरण में अनियमितताएं बरती गई हैं।
इस लिहाज से डीएम चंद्रेश कुमार ने आदेश दिया कि दस सितंबर को होने वाला छात्र संघ चुनाव 12 सितंबर तक के लिए स्थगित किया जाता है। तब तक कॉलेज प्रशासन परिचय पत्र की अनियमितताएं दूर कर ले।
12 के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से चुनाव की नई तिथि तय की जाए। आदेश मिलने के बाद प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने 12 तक के लिए चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस घोषणा के साथ ही दोबारा एबीवीपी और दूसरे छात्र संगठन कॉलेज प्राचार्य के पास विरोध करने पहुंचे। खबर लिखे जाने तक एबीवीपी का विरोध जारी था।
महासंघ से वंचित होगा डीएवी
गढ़वाल विवि में छात्र महासंघ का चुनाव 13 सितंबर को होने जा रहा है। सभी कॉलेजों के छात्र संघ चुनावों से चयनित होने वाले विश्वविद्यालय प्रतिनिधि इस चुनाव में वोट करते हैं। डीएवी कॉलेज के छात्र नेताओं को इस बार यह मौका नहीं मिल पाएगा। क्योंकि 12 सितंबर के बाद ही कॉलेज प्रशासन चुनाव की तिथि तय करेगा। तब तक महासंघ का चुनाव संपन्न हो चुका होगा। पहली बार डीएवी कॉलेज इस अधिकारी से वंचित रह जाएगा।
धरी रह गई तैयारियां
डीएवी कॉलेज में बुधवार को छात्र संघ चुनाव की तैयारियों के तहत कॉलेज परिसर में बल्लियां गाड़ दी गई थी। छात्रों के बूथों के हिसाब से पूरे अरेंजमेंट चल रहे थे लेकिन डीएम के आदेश आने के बाद सभी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गई। इस पर हुआ खर्च भी अब बेकार गया।