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डीएवी में 'नेतागिरी' की कीमत 5 हजार रुपए
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 08 Oct 2013 01:04 PM IST
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राजधानी देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में किसी भी प्रत्याशी ने पांच हजार रुपए से ज्यादा खर्च नहीं किए।
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बात अविश्वसनीय है कि लेकिन प्रत्याशियों के चुनावी खर्च का ब्यौरा यही बता रहा है। चुनावी माहौल में बेशक लिंगदोह समिति की सिफारिशों का किसी को ख्याल नहीं रहा, लेकिन कागजी कार्रवाई में पूरा ध्यान रखा गया है।
पांच हजार रुपए की तय सीमा
डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव के दौरान पूरा शहर पोस्टरों से पट गया था। प्रचार के नाम पर हुड़दंग करते बाइकों पर सवार छात्रों का हुजूम शहर के हर कोने नजर आता था। कई प्रत्याशियों ने तो होटल, रेस्टोरेंटों में पार्टी का आयोजन भी किया। लेकिन, फिर भी प्रत्याशियों का खर्च पांच हजार रुपए की तय सीमा से कम ही रहा।
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मुख्य चुनाव अधिकारी डा. गोपाल क्षेत्री ने बताया कि छात्र संघ अध्यक्ष, महासचिव, उपाध्यक्ष, सहसचिव ने अपने खर्च का ब्यौरा जमा कर दिया है। सभी ने 4200 से 4500 रुपए के बीच अपना खर्च दिखाया है। प्रत्याशी को चुनाव के दो सप्ताह के भीतर खर्च की जानकारी देनी होती है। चुनाव हारे कुछ प्रत्याशियों ने अभी ब्यौरा नहीं दिया है।
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हैंडमेड पोस्टरों से हुआ प्रचार
छात्र नेताओं ने खर्च के ब्यौरे में स्टेशनरी का खर्च 2000 से 2500 रुपए दिखाया है। नामांकन पत्र के 250 रुपए का भी इसमें शामिल हैं। छात्र नेताओं के अनुसार चुनाव प्रचार के लिए हाथ से बने पोस्टरों का इस्तेमाल हुआ, जिसका खर्च 500 रुपए दर्शाया गया है। यह बात अलग है कि पूरा शहर प्रिंटिड पोस्टरों से पटा हुआ था।
नहीं मिले मिठाई के लिए रुपए
छात्रसंघ पदाधिकारियों की तर्ज पर मिठाई बांटने के लिए डीएवी कॉलेज के विज्ञान संकाय प्रतिनिधि सुनील असवाल ने भी छात्रसंघ कोष से रुपए मांगे, लेकिन कॉलेज ने इंकार कर दिया। सुनील के अनुसार कॉलेज प्रबंधन ने इसका कारण भी नहीं बताया है। जबकि अन्य पदाधिकारियों को लाखों रुपए दिए गए। इस पर सुनील ने आरटीआई के तहत छात्रसंघ कोष से संबंधित नियमों की जानकारी मांगी है।