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शिक्षकों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी

Fri, 26 Jul 2013 09:56 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Fri, 26 Jul 2013 09:56 AM IST
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dav pg college dispute

डीएवी कालेज की व्यवस्था सुधार के तहत बृहस्पतिवार को भी अमर उजाला हेल्पलाइन में तमाम सुझाव आए। पूर्व शिक्षक ने आपबीती सुनाते हुए वर्तमान शिक्षकों से शैक्षिक माहौल को बढ़ावा देने की अपील की।

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गोली खाई लेकिन कक्षा नहीं छोड़ी
मैं कालेज का शिक्षक रहा हूं। मैंने अपने वक्त व्यवस्था में सुधार के लिए पूरे प्रयास किए। 1995 में मैं छात्रसंघ चुनाव अधिकारी था। सख्ती दिखाई तो कुछ छात्रों ने मुझे घर से बाहर बुलाया और गोली मार दी। किस्मत से मैं बच गया, लेकिन पढ़ाने का सिलसिला जारी रखा। कभी कक्षाएं देने में आनाकानी और लापरवाही नहीं की। वर्ष 2001 में रिटायर हुआ लेकिन शिक्षक होने की अपनी जिम्मेदारी पूरी शिद्दत से निभाई। इस नाते मैं चाहता हूं कि हमारे शिक्षकगण भी शैक्षिक माहौल बनाने के प्रति संजीदा हों।
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-प्रो. जीसी ढौंडियाल, पूर्व शिक्षक, डीएवी

अन्य प्रतिक्रियाएं
डीएवी कालेज में मेरिट के आधार पर दाखिले नहीं होने चाहिए। होते हैं तो मैनेजमेंट को सीट बढ़ानी चाहिए। लो परसेंटेज वाले छात्रों के लिए यही कालेज बचता है एडमिशन के लिए। इसलिए सभी का एडमिशन होना चाहिए।
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-एक पाठक

एजूकेशन जैसे मामले में सरकार को त्वरित कदम उठाना चाहिए। हंगामे के चलते पढ़ने वाले छात्रों को खासा नुकसान झेलना पड़ता है। सरकार, शिक्षा विभाग सख्त एक्शन लें तभी स्थिति सामान्य हो सकती है।
-विनीत पुंडीर, छात्र

डीएवी और डीबीएस में छात्रसंघ की मांगें बिल्कुल सही हैं। कालेजों में उत्तराखंड के छात्र ही पढ़ते हैं। ऐसे में मेरिट सिस्टम गलत है। इसे लागू करना ही था तो  एक साल पहले ही यह घोषणा हो सकती थी।
-मंजीत सिंह, आईटी पार्क

स्टूडेंट काउंसिल को डीएवी की हालात के बारे में सोचना चाहिए। कालेज खंडहर लगता है। कक्षाओं की हालत देखकर कोई वहां बैठना पसंद नहीं करता। दीवारों पर काई है, मैदान बदहाल। डीएवी के विकास के बारे में भी बात करनी होगी।
-एक पाठक

सबसे पहले तो कालेज में स्थायी पुलिस चौकी बनाई जानी चाहिए। 50 पुलिसकर्मी वहां 24 घंटे तैनात रहें। तब जाकर हंगामे, हुड़दंग पर रोक लग सकेगी। इसके अलावा कालेज में प्रवेश के लिए आईकार्ड की अनिवार्यता की जानी चाहिए।

-राकेश चंद

कालेज में 65 प्रतिशत वाले छात्र को ही चुनाव लड़ने का मौका दिया जाना चाहिए। यह भी जरूरी है कि छात्र नेता की उपस्थिति कक्षा में 80 प्रतिशत हो।
-अमृतांशु सिंह, विकासनगर

कालेज में राजनीति का कोई मतलब ही नहीं है। यह शिक्षा का मंदिर है तो यहां केवल शिक्षा की ही बात होनी चाहिए।
-मनोज चौधरी

डीएवी में चुनाव को लेकर गोपनीय तरीके से छात्रों से पर्ची डलवाई जाए। इसका पहले प्रचार किया जाए और फिर छात्रों के फीडबैक के आधार पर ही कालेज में चुनाव का फैसला होना चाहिए।
-अतर सिंह

डीएवी में केवल आईकार्ड से ही प्रवेश मिलना चाहिए। इससे पढ़ने वाले छात्र ही कालेज आएंगे, बाहरी तत्वों पर खुद लगाम कस जाएगी और माहौल में सुधार होगा।
-विकेश सिंह, छात्र

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