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डीएवी दे रहा नकलचियों को शह

Wed, 21 Aug 2013 09:20 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Wed, 21 Aug 2013 09:20 AM IST
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DAV giving abet imitators

हाईटेक नकल के मामले में लिखित शिकायत मिलने के बावजूद डीएवी कॉलेज प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। एक दिन पहले कॉलेज प्रशासन शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई की बात कह रहा था।

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डीएवी कॉलेज में रविवार को आयोजित हुई लॉ की प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र मोबाइल एप्लीकेशन वॉट्स एप के जरिए बाहर आ गया था। सोमवार को छात्र नेताओं ने जांच की मांग पर प्राचार्य का घेराव किया तो प्राचार्य ने पहले लिखित शिकायत की मांग की।
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पढ़े, हाईटेक नकलः ‘वाट्स ऐप’ के जरिए बाहर आ गया पूरा पेपर
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मंगलवार को पट्टू ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने गोविंद सिंह के नेतृत्व में प्राचार्य को ज्ञापन देकर जांच समिति बनाने की मांग की। साथ ही गलत प्रश्नों पर भी जांच की मांग की गई। प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने बताया कि उन्हें ज्ञापन मिला है, लेकिन जांच को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

ज्ञापन देने वालों में राहुल नेगी, जितेंद्र कुमार रिंकू, नितिन चौहान, मयंक खंडूरी, दिव्यांशु भंडारी पट्टू, राघव, अंकित भारद्वाज, रॉबिन पंवार, शुभम ठाकुर, राजेश चौहान, यश बिष्ट, अंकित चौहान, रोहित रावत, अरुण नेगी, सूरज, राकेश नेगी आदि शामिल रहे।

गंभीर नहीं प्रशासन
हाईटेक नकल के सभी सुबूत मौजूद होने के बावजूद डीएवी कॉलेज प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा। प्राचार्य डा. भसीन का कहना है कि हो सकता है कि पेपर की फोटो परीक्षा खत्म होने के बाद वाट्स एप से भेजी गई हो। हालांकि, वे परीक्षा कक्ष तक मोबाइल जाने के सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।


चर्चाओं का बाजार गर्म
डीएवी में वॉट्स एप के जरिए पेपर लीक होने के मामले पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कॉलेज में कई छात्र एक दूसरे पर पेपर आउट करने का आरोप लगा रहे हैं तो कई छात्र इसमें किसी शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मचारी का हाथ होने की भी बात कह रहे हैं।

नौ पृष्ठ आए थे बाहर
लॉ प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र 20 पृष्ठों का था। प्रश्न पत्र के नौ पृष्ठ वॉट्स एप के जरिए बाहर किए गए थे। इसका पूरा सबूत भी ‘अमर उजाला’ के पास है, जिसमें से कुछ तस्वीरें प्रकाशित की जा चुकी हैं। अहम सवाल यह है कि जब परीक्षा कक्ष में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध था तो प्रश्नपत्र की फोटो किसने खींची।

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