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LU: पीजी के और 62 कोर्सेज की कटऑफ जारी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 19 Aug 2013 08:14 AM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय में रविवार को पीजी, डिप्लोमा और प्रोफिशिएंसी के और
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62 कोर्सेज की कटऑफ सूची जारी कर दी गई।
इस सूची में चयनित हुए अभ्यर्थी 22 अगस्त तक ई-चालान के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में या फिर क्रेडिट- डेबिट कार्ड से फीस भर सकेंगे।
फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी वेबसाइट www.lkouniv.ac.in से अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करेंगे और अपने कोर्स से संबंधित विभाग में जाकर 24 अगस्त तक दाखिले की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
40 फीसदी सीटें भरेंगी तभी चलेंगे कोर्स
लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे ने बताया कि अभ्यर्थी कटऑफ सूची वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस बार बदले हुए नियमों के अनुसार अगर सेल्फ फाइनेंस कोर्स में 20 सीटें या 40 प्रतिशत सीटें भरने पर भी उसे चलाया जाएगा।
प्रो. खरे ने बताया कि इन दोनों में से जो कम होगा उस पर कोर्स को चलाए जाने का नियम बनाया गया है। प्रो. खरे ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने एक से ज्यादा कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन किया है, वे अपने किसी एक मनपसंद कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इस बार चॉइस लॉक फीस भरते समय ही होगी।
कटऑफ सूची पर कोर्स का कोड लिखा हुआ है, उसे फीस भरते समय अभ्यर्थी भर दें और बाकी के कोर्स को छोड़ दें। जानकारी के अनुसार ऐसे करीब 700 अभ्यर्थी ही होंगे जिन्होंने एक से ज्यादा कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन किया है। ऐसे में च्वॉइस लॉक की व्यवस्था फीस जमा करते समय ही कोर्स का कोड नंबर भरने के रूप में कर दी गई है।
इन विषयों की आई मेरिट सूची
इसके अलावा जो मेरिट सूची जारी हुई है, उसमें प्रोफेशनल कोर्सेज की बजाय परंपरागत कोर्सेज में दाखिले की ओर ही अभ्यर्थियों का रुझान है। इसमें एमजेएमसी, एमबीई, एमए अंग्रेजी, एमए इकोनॉमिक्स, एमए समाजशास्त्र व एमए इतिहास सबसे ज्यादा डिमांड वाले कोर्स हैं।
वहीं पाली, प्रोफिशिएंसी इन जर्मन, प्रोफिशिएंसी इन फ्रेंच, पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन, प्रोफिशिएंसी इन अरेबिक जैसे कोर्सेज में बहुत कम अभ्यर्थियों ने दाखिले के लिए दिलचस्पी दिखाई है।
जो कटऑफ सूची जारी की गई है, उसमें 80 प्रतिशत सीटें लखनऊ विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के छात्रों के लिए और 20 प्रतिशत सीटें दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
इसके अलावा इस साल भी 35 डिप्लोमा और अन्य सर्टिफिकेट कोर्सेज डूब गए हैं। इनमें से कुछ में आवेदन बहुत कम आए हैं और कुछ में एक भी आवेदन नहीं आया।
इस सूची में चयनित हुए अभ्यर्थी 22 अगस्त तक ई-चालान के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में या फिर क्रेडिट- डेबिट कार्ड से फीस भर सकेंगे।
फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी वेबसाइट www.lkouniv.ac.in से अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करेंगे और अपने कोर्स से संबंधित विभाग में जाकर 24 अगस्त तक दाखिले की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
40 फीसदी सीटें भरेंगी तभी चलेंगे कोर्स
लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे ने बताया कि अभ्यर्थी कटऑफ सूची वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस बार बदले हुए नियमों के अनुसार अगर सेल्फ फाइनेंस कोर्स में 20 सीटें या 40 प्रतिशत सीटें भरने पर भी उसे चलाया जाएगा।
प्रो. खरे ने बताया कि इन दोनों में से जो कम होगा उस पर कोर्स को चलाए जाने का नियम बनाया गया है। प्रो. खरे ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने एक से ज्यादा कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन किया है, वे अपने किसी एक मनपसंद कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इस बार चॉइस लॉक फीस भरते समय ही होगी।
कटऑफ सूची पर कोर्स का कोड लिखा हुआ है, उसे फीस भरते समय अभ्यर्थी भर दें और बाकी के कोर्स को छोड़ दें। जानकारी के अनुसार ऐसे करीब 700 अभ्यर्थी ही होंगे जिन्होंने एक से ज्यादा कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन किया है। ऐसे में च्वॉइस लॉक की व्यवस्था फीस जमा करते समय ही कोर्स का कोड नंबर भरने के रूप में कर दी गई है।
इन विषयों की आई मेरिट सूची
इसके अलावा जो मेरिट सूची जारी हुई है, उसमें प्रोफेशनल कोर्सेज की बजाय परंपरागत कोर्सेज में दाखिले की ओर ही अभ्यर्थियों का रुझान है। इसमें एमजेएमसी, एमबीई, एमए अंग्रेजी, एमए इकोनॉमिक्स, एमए समाजशास्त्र व एमए इतिहास सबसे ज्यादा डिमांड वाले कोर्स हैं।
वहीं पाली, प्रोफिशिएंसी इन जर्मन, प्रोफिशिएंसी इन फ्रेंच, पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन, प्रोफिशिएंसी इन अरेबिक जैसे कोर्सेज में बहुत कम अभ्यर्थियों ने दाखिले के लिए दिलचस्पी दिखाई है।
जो कटऑफ सूची जारी की गई है, उसमें 80 प्रतिशत सीटें लखनऊ विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के छात्रों के लिए और 20 प्रतिशत सीटें दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
इसके अलावा इस साल भी 35 डिप्लोमा और अन्य सर्टिफिकेट कोर्सेज डूब गए हैं। इनमें से कुछ में आवेदन बहुत कम आए हैं और कुछ में एक भी आवेदन नहीं आया।