यूपीएसईई काउंसलिंग डेट और सेंटर से जुड़ी जरूरी जानकारी देखें
उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में बीटेक, बीफार्मा, एमबीए, एमसीए, बीआर्क व अन्य कोर्सेज में दाखिले के लिए काउंसलिंग और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू होगी।
सोमवार को यूपीटीयू में कुलपति प्रो. ओंकार सिंह की अध्यक्षता में हुई सेंट्रल एडमिशन बोर्ड (कैब) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके मुताबिक प्रवेश की पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार निर्धारित समय में पूरी की जाएगी।
हालांकि सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया जेईई मेंस द्वारा होने वाले अलॉटमेंट के बाद की जाएगी। 20 फीसदी सीटों को जेईई मेंस में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से भरा जाना है।
ऐसे में यूपीएसईई की चॉइस लॉक प्रक्रिया जुलाई में शुरू हो पाएगी। उधर, कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने भी बताया कि चॉइस लॉक की तिथि अभी तक फाइनल नहीं की गई है।
नए सिरे से निर्धारित होंगे काउंसलिंग सेंटर
कुलसचिव कमलेश चौधरी ने बताया कि पिछले साल जिन संस्थानों को काउंसलिंग सेंटर बनाया गया था, उनका परफॉर्मेन्स जांचा जाएगा।
इसके बाद वहां इस बार काउंसलिंग सेंटर बनाए जाएंगे। इस बार कई नए संस्थानों ने भी काउंसलिंग सेंटर बनाए जाने के लिए आवेदन किया है। फिलहाल इस पर निर्णय लिया जाना बाकी है। काउंसलिंग सेंटर लिस्ट को संशोधित करने की जिम्मेदारी समन्वयक प्रो. जगबीर सिंह को सौंपी गई है।
यूपीएसईई के लिए पहले बनाए गए समन्वयक प्रो. जेपी सैनी ने अभी तक नवनियुक्त समन्वयक प्रो. जगबीर सिंह को चार्ज नहीं सौंपा है।
उनका कहना है कि शासन की ओर से समन्वयक बदले जाने संबंधी कोई सूचना नहीं मिली है, लिहाजा वह चार्ज नहीं देंगे। यूपीटीयू के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया कि अगर प्रो. सैनी चार्ज नहीं देंगे तो प्रशासनिक तरीका अपनाते हुए चार्ज प्रो. जगबीर को सौंपा जाएगा, लेकिन काउंसलिंग प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने देंगे।